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Kurukshetra News: जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में दो हजार पहुंची मरीजों की संख्या
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कुरुक्षेत्र। मौसम में परिवर्तन लगातार जारी है, जिसकी लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की भरमार है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए दो हजार मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। ओपीडी में हर तीसरा मरीज वायरल इंफेक्शन से पीड़ित है।
अस्पताल में रोजाना 300 से 400 मरीज बुखार का इलाज लेने पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप है। वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गंभीरता बरत रहा है। विभाग की 130 टीमें फील्ड में लारवा व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की जांच करने में जुटे हैं। मौसम का अचानक से बदलाव मौसमी बीमारी की सबसे बड़ी वजह है। कभी चिलचिलाती धूप तो कभी अचानक से बारिश होने के कारण कम कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग जल्दी मौसमी बीमारी के चपेट में आ जाते हैं, जिसके चलते सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज बढ़े हैं। खासकर पेट के रोगियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल के चेस्ट एंड टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव चावला ने बताया कि पिछले 15 दिन से मौसम परिवर्तन शील है। मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। बुखार, जुकाम-खांसी के साथ डायरिया के मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार से बचने के लिए आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें। संवाद
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अस्पताल में रोजाना 300 से 400 मरीज बुखार का इलाज लेने पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप है। वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गंभीरता बरत रहा है। विभाग की 130 टीमें फील्ड में लारवा व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की जांच करने में जुटे हैं। मौसम का अचानक से बदलाव मौसमी बीमारी की सबसे बड़ी वजह है। कभी चिलचिलाती धूप तो कभी अचानक से बारिश होने के कारण कम कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग जल्दी मौसमी बीमारी के चपेट में आ जाते हैं, जिसके चलते सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज बढ़े हैं। खासकर पेट के रोगियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
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जिला अस्पताल के चेस्ट एंड टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव चावला ने बताया कि पिछले 15 दिन से मौसम परिवर्तन शील है। मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। बुखार, जुकाम-खांसी के साथ डायरिया के मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार से बचने के लिए आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें। संवाद
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