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खेती बाड़ी में ही नहीं बल्कि वीरता में भी है अग्रणी है हरियाणा की धरती : कृष्ण पंवार
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स्वतंत्रता दिवस समारोह कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी नृत्य की प्रस्तुति देती छात्राएं।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा प्रदेश की धरती केवल खेती बाड़ी में ही नहीं बल्कि वीरता में भी अग्रणी रही है। इस पावन धरा के लिए इतिहास के पन्ने गवाह हैं कि 10 मई 1857 को अंबाला से स्वतंत्रता आंदोलन की चिंगारी उठी और इस चिंगारी से पूरे देश में आजादी की अलख जगी। इस पहली चिंगारी की स्मृतियों को संजोने के लिए ही प्रदेश सरकार अंबाला छावनी में एक भव्य शहीदी स्मारक का निर्माण कर रही है। यह कहना है विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का।
वे शुक्रवार को पिपली अनाज मंडी में जिला प्रशासन की तरफ से आयोजित जिला स्तरीय 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले लघु सचिवालय शहीदी स्मारक पर अमर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैबिनेट मंत्री ने पिपली अनाज मंडी में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण करने के बाद मार्च पास्ट की सलामी ली। कैबिनेट मंत्री ने सोमवार को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि आज का यह दिन केवल कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का दिन है, जो हमें याद दिलाता है कि मां भारती के असंख्य वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर हमें आजादी दिलाई। आज पूरा भारत तिरंगामय है, हर गली, हर घर तिरंगे के रंग में रंगा है और हर कोने में देशभक्ति की गूंज है। तिरंगा हमारे इतिहास, संघर्ष और सपनों का जीवंत प्रतीक है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में पूरी दुनिया ने देखा कि किस प्रकार 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया और हमारी बहनों के सिंदूर को उजाड़ दिया। यह केवल नागरिकों पर एक आतंकी हमला नहीं था बल्कि भारत की आत्मा पर किया गया एक दुस्साहसपूर्ण प्रहार था। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के तुरंत बाद स्पष्ट शब्दों में कहा था कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलेगा और इस हमले के पीछे जो भी हैं, उन्हें उनकी कल्पना से भी अधिक कठोर सजा देगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सात मई की रात को हमारे बहादुर सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। यह एक सटीक और साहसिक अभियान था जिसमें हमारी सेना ने पाकिस्तान की सरजमीं पर जाकर आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और भलाई को हमेशा पहली प्राथमिकता दी है। जो जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए, उनके एक आश्रित को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दे रही है। अक्तूबर 2014 से जून 2025 तक, 410 शहीदों के आश्रितों को नौकरी दी गई है।
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वे शुक्रवार को पिपली अनाज मंडी में जिला प्रशासन की तरफ से आयोजित जिला स्तरीय 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले लघु सचिवालय शहीदी स्मारक पर अमर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैबिनेट मंत्री ने पिपली अनाज मंडी में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण करने के बाद मार्च पास्ट की सलामी ली। कैबिनेट मंत्री ने सोमवार को स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की।
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उन्होंने कहा कि आज का यह दिन केवल कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का दिन है, जो हमें याद दिलाता है कि मां भारती के असंख्य वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर हमें आजादी दिलाई। आज पूरा भारत तिरंगामय है, हर गली, हर घर तिरंगे के रंग में रंगा है और हर कोने में देशभक्ति की गूंज है। तिरंगा हमारे इतिहास, संघर्ष और सपनों का जीवंत प्रतीक है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में पूरी दुनिया ने देखा कि किस प्रकार 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया और हमारी बहनों के सिंदूर को उजाड़ दिया। यह केवल नागरिकों पर एक आतंकी हमला नहीं था बल्कि भारत की आत्मा पर किया गया एक दुस्साहसपूर्ण प्रहार था। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के तुरंत बाद स्पष्ट शब्दों में कहा था कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलेगा और इस हमले के पीछे जो भी हैं, उन्हें उनकी कल्पना से भी अधिक कठोर सजा देगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सात मई की रात को हमारे बहादुर सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। यह एक सटीक और साहसिक अभियान था जिसमें हमारी सेना ने पाकिस्तान की सरजमीं पर जाकर आतंकवाद के नौ ठिकानों को ध्वस्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और भलाई को हमेशा पहली प्राथमिकता दी है। जो जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए, उनके एक आश्रित को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दे रही है। अक्तूबर 2014 से जून 2025 तक, 410 शहीदों के आश्रितों को नौकरी दी गई है।