{"_id":"6910e8b64fe85dcad20378b6","slug":"the-immortal-saga-of-sacrifice-and-courage-of-shri-guru-tegh-bahadur-will-be-engraved-on-sand-particles-kurukshetra-news-c-45-1-kur1008-145078-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: रेत के कणों पर उकेरी जाएंगी श्री गुरु तेग बहादुर के बलिदान और साहस की अमर गाथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: रेत के कणों पर उकेरी जाएंगी श्री गुरु तेग बहादुर के बलिदान और साहस की अमर गाथा
Mon, 10 Nov 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार सैंड आर्ट म्यूजिकल शो की शृंखला प्रस्तुत कर रही है। मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश समर्पित करने वाले गुरु साहिब के बलिदान और साहस की अमर गाथा को रेत के कणों से उकेरा जाएगा और इस गाथा को प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रस्तुत किया जाएगा।
11 नवंबर को पंचकूला के पिंजौर, 13 को नाडा साहिब, 14 को गुरुग्राम, 18 को कपाल मोचन और 24 व 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में सैंड आर्ट म्यूजिकल शो का आयोजन किया जाएगा। सैंड आर्ट म्यूजिकल शो के माध्यम से हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी को शत शत नमन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी बलिदान, शांति और मानवता के प्रतीक हैं। उनके साहस और सिद्धांतों के साथ-साथ आदर्शों की अटूट प्रतिबद्धता रही है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के सामने झुकने से इन्कार कर दिया था। उनकी शिक्षाएं हमें आज भी प्रेरित करती हैं, समाज को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में अब 25 नवंबर तक गुरु साहिब जी के आदर्शों से प्रेरित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत जिला प्रशासन ने रक्तदान शिविरों का आयोजन करके की थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 11 नवंबर को पंचकूला के गांव मढ़ावाला, 14 नवंबर को फरीदाबाद और 18 नवंबर को यमुनानगर के साढ़ौरा से शहीदी यात्रा निकाली जाएंगी। सभी चारों यात्रियों का 25 नवंबर को जिले में प्रवेश होने पर स्वागत किया जाएगा। 18 नवंबर को यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर वन का उद्घाटन किया जाएगा। आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक सर्वधर्म सम्मेलन 24 नवंबर को होगा और 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
11 नवंबर को पंचकूला के पिंजौर, 13 को नाडा साहिब, 14 को गुरुग्राम, 18 को कपाल मोचन और 24 व 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में सैंड आर्ट म्यूजिकल शो का आयोजन किया जाएगा। सैंड आर्ट म्यूजिकल शो के माध्यम से हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी को शत शत नमन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी बलिदान, शांति और मानवता के प्रतीक हैं। उनके साहस और सिद्धांतों के साथ-साथ आदर्शों की अटूट प्रतिबद्धता रही है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के सामने झुकने से इन्कार कर दिया था। उनकी शिक्षाएं हमें आज भी प्रेरित करती हैं, समाज को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
विज्ञापन
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में अब 25 नवंबर तक गुरु साहिब जी के आदर्शों से प्रेरित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत जिला प्रशासन ने रक्तदान शिविरों का आयोजन करके की थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 11 नवंबर को पंचकूला के गांव मढ़ावाला, 14 नवंबर को फरीदाबाद और 18 नवंबर को यमुनानगर के साढ़ौरा से शहीदी यात्रा निकाली जाएंगी। सभी चारों यात्रियों का 25 नवंबर को जिले में प्रवेश होने पर स्वागत किया जाएगा। 18 नवंबर को यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर वन का उद्घाटन किया जाएगा। आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक सर्वधर्म सम्मेलन 24 नवंबर को होगा और 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।