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भारत में काफी पुराना है विज्ञान का इतिहास : डॉ. चौधरी
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कार्यक्रम के दौरान मंचासीन मुख्यातिथि डॉ. एआर चौधरी व अन्य। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में रविवार को विज्ञान भाषण प्रतियोगिता और लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सरस्वती नदी उत्कृष्ट शोध केंद्र के निदेशक डॉ. एआर चौधरी ने कहा कि भारत में विज्ञान का इतिहास बहुत पुराना है। नगर निर्माण, दंत चिकित्सा, प्लास्टिक सर्जरी, नैनो टेक्नोलॉजी, गणित, एस्ट्रोनॉमी की शुरुआत भारत में ही हुई।
प्राचीन भारतीय विज्ञान एवं तकनीकी विरासत से लेकर भविष्य की विज्ञान प्रौद्योगिकी तकनीकियां विषय पर व्याख्यान देते हुए डॉ. चौधरी ने भविष्य की तकनीक जैसे कि अंतरिक्ष विज्ञान कंप्यूटर विज्ञान तथा चिकित्सा विज्ञान पर भी चर्चा की। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रचार व प्रसार को बढ़ावा देना है।
केंद्र के शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने बताया कि इसके तहत आयोजित की गई विज्ञान भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. एआर चौधरी तथा एनआईटी के डॉ. सेंथिल कुमार ने भूमिका निभाई। बताया कि विजेता प्रतिभागियों के नाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में रविवार को विज्ञान भाषण प्रतियोगिता और लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सरस्वती नदी उत्कृष्ट शोध केंद्र के निदेशक डॉ. एआर चौधरी ने कहा कि भारत में विज्ञान का इतिहास बहुत पुराना है। नगर निर्माण, दंत चिकित्सा, प्लास्टिक सर्जरी, नैनो टेक्नोलॉजी, गणित, एस्ट्रोनॉमी की शुरुआत भारत में ही हुई।
प्राचीन भारतीय विज्ञान एवं तकनीकी विरासत से लेकर भविष्य की विज्ञान प्रौद्योगिकी तकनीकियां विषय पर व्याख्यान देते हुए डॉ. चौधरी ने भविष्य की तकनीक जैसे कि अंतरिक्ष विज्ञान कंप्यूटर विज्ञान तथा चिकित्सा विज्ञान पर भी चर्चा की। केंद्र के परियोजना समायोजक केएस नेहरू ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान सप्ताह के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रचार व प्रसार को बढ़ावा देना है।
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केंद्र के शिक्षा अधिकारी जीतेंद्र कुमार दास ने बताया कि इसके तहत आयोजित की गई विज्ञान भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. एआर चौधरी तथा एनआईटी के डॉ. सेंथिल कुमार ने भूमिका निभाई। बताया कि विजेता प्रतिभागियों के नाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे।
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