{"_id":"6a6279bb961377b0c00a7653","slug":"the-health-department-is-monitoring-the-quality-of-drinking-water-during-the-rainy-season-and-an-inspection-campaign-is-underway-in-every-village-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-158226-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: बारिश में पेयजल की गुणवत्ता पर स्वास्थ्य विभाग की नजर, गांव-गांव चल रहा जांच अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: बारिश में पेयजल की गुणवत्ता पर स्वास्थ्य विभाग की नजर, गांव-गांव चल रहा जांच अभियान
विज्ञापन
पिहोवा। पानी के लिए गए सेंपल को दिखाते स्वास्थ्य विभाग के कर्मी। संवाद
पिहोवा। बारिश के मौसम में पेयजल से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में गांव-गांव जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग की टीमें लगातार गांवों, शहर और बाजार क्षेत्रों में पेयजल के नमूने लेकर उनकी जांच कर रही हैं, इसके साथ ही लोगों को पानी शुद्ध करने की दवा भी वितरित की जा रही है, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव अरनैचा और पूजा कॉलोनी में पेयजल की जांच की। इस दौरान दोनों स्थानों पर 15 से 20 ऑर्थो टोलिडीन (ओटी) टेस्ट किए गए। जांच में सभी नमूने संतोषजनक पाए गए और पेयजल सुरक्षित मिला।
जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अरविंद ने बताया कि इससे पहले पिहोवा शहर और बाजार क्षेत्र में भी पेयजल के नमूनों की जांच की गई थी। अब यह अभियान गांव-गांव चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कई बार पाइपलाइन में लीकेज होने से दूषित पानी पेयजल लाइन में मिल सकता है। इसी संभावना को देखते हुए विभाग लगातार पानी की गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है।.
उन्होंने बताया कि टीम प्रतिदिन अलग-अलग गांवों में पहुंचकर पानी के नमूनों की जांच कर रही है। जहां जरूरत महसूस होती है, वहां लोगों को पानी शुद्ध करने की दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि पेयजल के रंग, गंध या स्वाद में किसी प्रकार का बदलाव दिखाई दे तो तुरंत जन स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अरविंद ने बताया कि इससे पहले पिहोवा शहर और बाजार क्षेत्र में भी पेयजल के नमूनों की जांच की गई थी। अब यह अभियान गांव-गांव चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कई बार पाइपलाइन में लीकेज होने से दूषित पानी पेयजल लाइन में मिल सकता है। इसी संभावना को देखते हुए विभाग लगातार पानी की गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है।.
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि टीम प्रतिदिन अलग-अलग गांवों में पहुंचकर पानी के नमूनों की जांच कर रही है। जहां जरूरत महसूस होती है, वहां लोगों को पानी शुद्ध करने की दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि पेयजल के रंग, गंध या स्वाद में किसी प्रकार का बदलाव दिखाई दे तो तुरंत जन स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

पिहोवा। पानी के लिए गए सेंपल को दिखाते स्वास्थ्य विभाग के कर्मी। संवाद
विज्ञापन