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Kurukshetra News: सरकार ने मानी मांगें, 31 घंटे बाद किसानों ने हटाया मोर्चा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jun 2023 02:33 AM IST
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The government accepted the demands, after 31 hours the farmers removed the morcha
कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार दोपहर से दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर डटे किसानों और सरकार के बीच समझौता हो गया है। प्रदेश सरकार ने किसानों की मांगों को मान लिया है। जिसके चलते मंगलवार रात्रि किसानों ने करीब 31 घंटे बाद नेशनल हाईवे से अपना मोर्चा हटा दिया है। नेशनल हाईवे पर यातायात सुचारू हो गया है। जीत की खुशी में किसान नेताओं ने हाईवे पर आतिशबाजी भी की। सरकार की ओर कुरुक्षेत्र के डीसी शांतुन शर्मा और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने किसानों के बीच पहंुचकर सरकार के फैसले से अवगत कराया। किसान नेताओं ने भी इसे अपनी जीत बताया है।
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मंगलवार को एक ओर जहां तपती धूप में किसान नेशनल हाईवे पर डटे हुए थे, वहीं दूसरी ओर सरकार भी पूरी शिद्दत के साथ किसानों के इस आंदोलन को खत्म कराने में लगी हुई थी। इसी प्रयास के चलते दिनभर सरकार की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी था। शाम को चार घंटे तक चली पहली बैठक तो बेनतीजा रही, जिसके बाद किसानों ने नेशनल हाईवे पर पक्का मोर्चा लगाने का एलान कर दिया था। किसान नेताओं ने बुधवार को विभिन्न राज्यों की किसान जत्थेबंदियों से पिपली में जुटने का आह्वान भी कर दिया था।
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दूसरी ओर सरकार के कहने पर शाम को किसान नेताओं के साथ फिर से बैठक का नया दौर शुरू हुआ जो कि करीब ढाई घंटे तक चला। इस बैठक में डीसी, एसपी समेत संयुक्त किसान मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन के नेता शामिल रहे। इस बैठक में यह तय हुआ कि सरकार किसानों की मांगों को मानेगी। जिसके बाद किसानों ने भी नेशनल हाईवे से अपना मोर्चा हटाने का निर्णय लिया। नेशनल हाईवे जाम के चलते वाहन चालक बहुत ज्यादा परेशान थे। इन वाहन चालकों को संपर्क मार्गों से होते हुए करीब 20 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा था।
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इन मांगों पर बनी सहमति

- केंद्र सरकार ने इस वर्ष सूरजमुखी का एमएसपी 6400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है। किसान इसी रेट पर सूरजमुखी की फसल बेचने की मांग कर रहे थे। हैफेड किसानों की फसल 4800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहा था। 1000 रुपये किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत अलग से दिए जा रहे हैं। बैठक में यह तय हुआ कि सरकार किसानों की फसल भावांतर भरपाई योजना के तहत खरीदते हुए दाम का अंतर अलग से अदा करेगी। यानी किसानों को सूरजमुखी का एमएसपी जितना रेट मिलेगा।

- इस आंदोलन के तहत जिन किसान नेताओं पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है, उनके केस रद करने और उन्हें रिहा करने की औपचारिकताएं जल्द पूरी कर ली जाएंगी। इन्हें बुधवार तक रिहा कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वक्त भाकियू नेता गुरनाम चढूनी समेत 150 किसान न्यायिक हिरासत में हैं जबकि 700 किसानों पर केस दर्ज किया गया था। किसी भी किसान नेता ने जमानत नहीं ली थी।

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हमारी मांग थी कि सूरजमुखी की एमएसपी पर खरीद शुरू हो। हमने प्रदेश सरकार से वो रेट मांगा है जो केंद्र सरकार ने सूरजमुखी का तय किया था। जब केंद्र सरकार ने रेट तय कर दिया है तो प्रदेश्ा सरकार को देने में क्या दिक्कत थी। एमएसपी की लड़ाई हम पूरे देश में लड़ेंगे। हमारी मांग यही है कि केंद्र सरकार िजन फसलों का एमएसपी तय करती है, उसी रेट पर प्रदेश सरकारें भी किसानों की फसलें खरीदें। एमएसपी गारंटी कानून के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है, इसके लिए किसान तैयार हैं, फिलहाल हमने नेशनल हाईवे से जाम हटा दिया है।

- राकेश टिकैत, किसान नेता।

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कुछ दिनों पहले हैफेड ने 4800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सूरजमुख्ाी की फसल खरीदने का काम शुरू किया था। मंगलवार को यह रेट 4900 रुपये हो गया है और बुधवार को 5000 रुपये कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को सूरजमुखी का एमएसपी के बराबर रेट दिया जाए। मुख्यमंत्री ने शाहाबाद में 20 हजार मीट्रिक टन सूरजमुखी के तेल का कारखाना लगाने की घोषणा भी कर रखी है। प्रदेश सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है और उनके हित को सर्वोपरि रखती है।

- शांतुन शर्मा, डीसी कुरुक्षेत्र।

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हरियाणा सरकार का दावा, हम दे रहे सूरजमुखी का सबसे अधिक भाव

प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि हरियाणा सरकार देशभर में सूरजमुखी का सबसे अधिक दाम दे रही है। कृषि विभाग भी पूरे सूबे में इस बात का प्रचार कर रहा है। सरकार के अनुसार हरियाणा में मंगलवार को सूरजमुखी का रेट 4900 रुपये प्रति क्विंटल था इसमें एक हजार रुपये भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को दिए जाने हैं, मगर अब समझौते के बाद यह रेट बढ़ाकर एमएसपी तक लाया जाएगा। सरकार ने दावा किया है कि कर्नाटक में किसानों की सूरजमुखी 4077 रुपये, पंजाब में 4000 रुपये, तमिलनाडु में 3550 रुपये, महाराष्ट्र में 3840 व गुजरात में 3975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है। हरियाणा इसमें काफी आगे है।
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