{"_id":"62a8edb44b874b41d556c195","slug":"the-functioning-of-ku-will-be-completely-paperless-kurukshetra-news-knl111537387","type":"story","status":"publish","title_hn":"भविष्य में केयू की कार्यप्रणाली पूरी तरह से होगी पेपरलेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भविष्य में केयू की कार्यप्रणाली पूरी तरह से होगी पेपरलेस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आने वाले समय में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह से पेपरलेस होगी। इस प्रक्रिया में भागीदारी करने के लिए केयू के सभी विभागों को तकनीकी रूप से सक्षम होना होगा। ऑटोमेशन वर्तमान समय की मांग है जो कि कुशल प्रबंधन का आधार भी है। मंगलवार को केयू के कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग के शिक्षक डॉ. राकेश अंतिम बैच के लिए आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के दूसरे दिन बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा आईयूएमएस पोर्टल के आने से कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव होगा।
उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थी घर बैठे ही दाखिला, परीक्षा फार्म, ट्रांसक्रिप्ट, डुप्लीकेट डीएमसी व डिग्री आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। भविष्य में डिग्री एवं डीएमसी भी ऑनलाइन मिल सकेगी। आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से डाटा विश्लेषण के द्वारा विद्यार्थी संख्या, पंजीकरण, परीक्षा फार्म, हॉस्टल फीस सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। वहीं ऑटोमेशन द्वारा वैधता, समय की बचत के साथ कार्य बड़ी शीघ्रता से किया जा सकता है।
इसके साथ ही कोर्स में एब्सुलेट व रिलेटिव एड्रेस के बारे में भी जानकारी साझा की। कहा कि तकनीक के दौर में डाटा सर्वर के नष्ट हो जाने पर दूसरे सर्वर पर डाटा अपने आप राइट हो जाता है। पुराने समय में जितना डाटा लाइब्रेरी में होता था उतना आज हर दिन पैदा होता है। डाटा पहले भी होता था लेकिन उसका विश्लेषण नहीं होता था लेकिन वर्तमान में डाटा विश्लेषण करने के लिए ऑटोमेशन महत्वपूर्ण साधन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थी घर बैठे ही दाखिला, परीक्षा फार्म, ट्रांसक्रिप्ट, डुप्लीकेट डीएमसी व डिग्री आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। भविष्य में डिग्री एवं डीएमसी भी ऑनलाइन मिल सकेगी। आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से डाटा विश्लेषण के द्वारा विद्यार्थी संख्या, पंजीकरण, परीक्षा फार्म, हॉस्टल फीस सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। वहीं ऑटोमेशन द्वारा वैधता, समय की बचत के साथ कार्य बड़ी शीघ्रता से किया जा सकता है।
विज्ञापन
इसके साथ ही कोर्स में एब्सुलेट व रिलेटिव एड्रेस के बारे में भी जानकारी साझा की। कहा कि तकनीक के दौर में डाटा सर्वर के नष्ट हो जाने पर दूसरे सर्वर पर डाटा अपने आप राइट हो जाता है। पुराने समय में जितना डाटा लाइब्रेरी में होता था उतना आज हर दिन पैदा होता है। डाटा पहले भी होता था लेकिन उसका विश्लेषण नहीं होता था लेकिन वर्तमान में डाटा विश्लेषण करने के लिए ऑटोमेशन महत्वपूर्ण साधन है।
विज्ञापन