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Kurukshetra News: झींडा व दादूवाल गुट के बीच मिटने लगी दूरियां, मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के विवाद पर बढ़ाए कदम
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी में प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा व धर्मप्रचार कमेटी के चेयरमैन बलजीत सिंह दादूवाल गुट के बीच आखिरकार दूरियां मिटने लगी है। इसकी पहली बानगी शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान के विवाद को लेकर वीरवार को सामने आई। यह पहला मौका था जब एचजीएमसी की पूरी कार्यकारिणी एकजुट हुई और कोई ठोस निर्णय ले पाई। इसके साथ ही कमेटी एकाएक फिर चर्चा में आ गई है।
कमेटी मुख्यालय पर मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान को अपने अधीन लिए जाने के फैसले पर न केवल कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया बल्कि इसके लिए बुलाई गई बैठक में भी 11 में से 10 सदस्य शामिल हुए और एकजुटता दिखाई। वहीं कनिष्ट उपप्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर इस बैठक में नहीं शामिल हुए लेकिन दावा किया गया कि उनकी भी इस फैसले पर सहमति ली गई। प्रधान जगदीश सिंह झींडा व दादूवाल ने भी बाद में सभी 11 सदस्यों की सर्वसम्मति से फैसला लिए जाने का दावा किया तो कहा कि अब मेडिकल संस्थान को किसी भी स्तर पर हरियाणा कमेटी के अधीन लाया जाएगा तो इसे और भी बेहतर तरीके से संचालित करेंगे। जल्द ही सभी कर्मियों का वेतन भी जारी किया जाएगा।
31 मार्च की बजट बैठक पर पहली बार सामने आया था विवाद, आयोग ने रद्द किया था बजट
करीब 22 साल की लड़ाई के बाद 19 जनवरी 2025 को पहली बार हुए चुनाव के चलते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पहले प्रधान के तौर पर जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा को 23 मई 2025 को नेतृत्व सौंपा गया था। उन्होंने 29 मई 2025 को कार्यभार संभाला था। हालांकि उस समय दादूवाल गुट उनके साथ खड़ा था लेकिन धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगी थी। दोनों गुटों में खींचतान सात जनवरी 2026 को प्रधान झींडा द्वारा आम सभा बुला 110 करोड़ का बजट पास किए जाने के बाद खुलकर सामने आई थी। दादूवाल गुट ने इसे हरियाणा सिख न्यायिक आयोग में चुनौती दी तो आयोग ने इस बजट को रद्द भी कर दिया था। इसके बाद आज तक भी बजट बैठक कोरम पूरा न होने के चलते नहीं हो पाई। कमेटी कार्यकारिणी की पहली बैठक 13 जून 2025 को हुई थी,जिसमें दादूवाल को धर्मप्रचार कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था तो अन्य कमेटियां भी गठित की थी। 21 जून 2025 को कार्यकारिणी की दूसरी बैठक हुई थी तो वहीं 16 जून को आम सभा की बैठक बजट को लेकर हुई थी, जो कोरम पूरा न होने के कारण सिरे नहीं चढ़ पाई थी। यही नहीं अब तक पांच बार बैठकें करने का प्रयास किया जाता रहा, जो सफल नहीं हुआ।
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कमेटी के हर सही फैसले पर करेंगे सहयोग, मेडिकल संस्थान लेकर रहेंगे : दादूवाल
बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान हरियाणा कमेटी के अधीन आए, इसके लिए उन्हाेंने ही लड़ाई शुरू की थी और जीतेंगे भी। यह संस्थान अब कमेटी के अधीन लाकर रहेंगे और वे 72 घंटे बाद खुद वहां पहुंचेंगे। यह सही कदम है, जिसमें हम साथ खड़े हैं। यही नहीं प्रधान झींडा जो भी सही निर्णय लेंगे हम साथ देंगे लेकिन गलत कुछ नहीं होने देंगे।
झींडा बोले- पूरी कमेटी एकजुट तो हर काम आसान
प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि संगत की निगाहें कमेटी पर टिकी है और यह हमारा दायित्व है कि संगत की भलाई में कार्य करें। पूरी कमेटी एकजुट हो तो हर काम आसान हो जाता है। मेडिकल संस्थान 72 घंटे बाद हरियाणा कमेटी के अधीन होगा। इस पर पूरी कार्यकारिणी ने सहमति जताई है।
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कमेटी मुख्यालय पर मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान को अपने अधीन लिए जाने के फैसले पर न केवल कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया बल्कि इसके लिए बुलाई गई बैठक में भी 11 में से 10 सदस्य शामिल हुए और एकजुटता दिखाई। वहीं कनिष्ट उपप्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर इस बैठक में नहीं शामिल हुए लेकिन दावा किया गया कि उनकी भी इस फैसले पर सहमति ली गई। प्रधान जगदीश सिंह झींडा व दादूवाल ने भी बाद में सभी 11 सदस्यों की सर्वसम्मति से फैसला लिए जाने का दावा किया तो कहा कि अब मेडिकल संस्थान को किसी भी स्तर पर हरियाणा कमेटी के अधीन लाया जाएगा तो इसे और भी बेहतर तरीके से संचालित करेंगे। जल्द ही सभी कर्मियों का वेतन भी जारी किया जाएगा।
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31 मार्च की बजट बैठक पर पहली बार सामने आया था विवाद, आयोग ने रद्द किया था बजट
करीब 22 साल की लड़ाई के बाद 19 जनवरी 2025 को पहली बार हुए चुनाव के चलते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पहले प्रधान के तौर पर जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा को 23 मई 2025 को नेतृत्व सौंपा गया था। उन्होंने 29 मई 2025 को कार्यभार संभाला था। हालांकि उस समय दादूवाल गुट उनके साथ खड़ा था लेकिन धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगी थी। दोनों गुटों में खींचतान सात जनवरी 2026 को प्रधान झींडा द्वारा आम सभा बुला 110 करोड़ का बजट पास किए जाने के बाद खुलकर सामने आई थी। दादूवाल गुट ने इसे हरियाणा सिख न्यायिक आयोग में चुनौती दी तो आयोग ने इस बजट को रद्द भी कर दिया था। इसके बाद आज तक भी बजट बैठक कोरम पूरा न होने के चलते नहीं हो पाई। कमेटी कार्यकारिणी की पहली बैठक 13 जून 2025 को हुई थी,जिसमें दादूवाल को धर्मप्रचार कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था तो अन्य कमेटियां भी गठित की थी। 21 जून 2025 को कार्यकारिणी की दूसरी बैठक हुई थी तो वहीं 16 जून को आम सभा की बैठक बजट को लेकर हुई थी, जो कोरम पूरा न होने के कारण सिरे नहीं चढ़ पाई थी। यही नहीं अब तक पांच बार बैठकें करने का प्रयास किया जाता रहा, जो सफल नहीं हुआ।
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कमेटी के हर सही फैसले पर करेंगे सहयोग, मेडिकल संस्थान लेकर रहेंगे : दादूवाल
बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान हरियाणा कमेटी के अधीन आए, इसके लिए उन्हाेंने ही लड़ाई शुरू की थी और जीतेंगे भी। यह संस्थान अब कमेटी के अधीन लाकर रहेंगे और वे 72 घंटे बाद खुद वहां पहुंचेंगे। यह सही कदम है, जिसमें हम साथ खड़े हैं। यही नहीं प्रधान झींडा जो भी सही निर्णय लेंगे हम साथ देंगे लेकिन गलत कुछ नहीं होने देंगे।
झींडा बोले- पूरी कमेटी एकजुट तो हर काम आसान
प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि संगत की निगाहें कमेटी पर टिकी है और यह हमारा दायित्व है कि संगत की भलाई में कार्य करें। पूरी कमेटी एकजुट हो तो हर काम आसान हो जाता है। मेडिकल संस्थान 72 घंटे बाद हरियाणा कमेटी के अधीन होगा। इस पर पूरी कार्यकारिणी ने सहमति जताई है।