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Kurukshetra News: शंखनाद से शिल्प और सरस मेले का आगाज
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पहले दिन ब्रह्मसरोवर तट पर कला, संस्कृति एवं अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। 24 राज्यों के कलाकारों की संस्कृति और सभ्यता की झलक देख हजारों की संख्या में पहुंचे पर्यटक गदगद हो उठे। कलाकारों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति की छटा को बिखेरा। मेले में ढोल की थाप व लोकगीतों की धुन गूंजने लगी। वहीं, कलाकारों ने पुरातन रोमांचित नृत्य से पर्यटकों का मन मोह लिया। इस मेले का आगाज प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया। शिल्पकारों के चेहरों पर भी रौनक व कारोबार की आस देखने को मिली। हालांकि महोत्सव में पहले दिन ब्रह्मसरोवर की सदरियां पूरी तरह नहीं सजीं और महोत्सव के पहले दिन भी देर शाम तक दूर-दराज से शिल्पकार पहुंचते रहे व देर रात तक दुकानें सजाई गईं।
15 दिसंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में पांच दिसंबर से शुरू होने वाले मुख्य कार्यक्रमों के दौरान महोत्सव के सहभागी प्रदेश ओडिशा तथा सहभागी देश तंजानिया की कला, संस्कृति और सभ्यता से भी लोगों को रूबरू होने का मौका मिलेगा। मेले में महिला सशिक्तकरण की झलक भी देखने काे मिली।
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15 दिसंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में पांच दिसंबर से शुरू होने वाले मुख्य कार्यक्रमों के दौरान महोत्सव के सहभागी प्रदेश ओडिशा तथा सहभागी देश तंजानिया की कला, संस्कृति और सभ्यता से भी लोगों को रूबरू होने का मौका मिलेगा। मेले में महिला सशिक्तकरण की झलक भी देखने काे मिली।
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