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होर्डिंगों से अटा शहर, जगह-जगह दीवारों पर चिपके हैं पोस्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:51 AM IST
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The city is full of hoardings, posters are pasted on the walls everywhere
जिला प्रशासन व नेता बेशक कुरुक्षेत्र को सुंदर बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने का दावा दिनरात कर रहे हैं, लेकिन इन दावों की पोल शहर की बदरंग तस्वीर खोल रही है। शहर का कोई ऐसा कोना नहीं जहां बेतरतीब से निजी कंपनियों के विज्ञापन पोस्टर न पिचके हों। इतना ही नहीं सरकारी संपत्ति भी इनसे अछूती नहीं है। कुरुक्षेत्र में रोजाना देश विदेश से हजारों पर्यटकों का आना होता है, ऐसे में उनके सामने इन पोस्टर व होर्डिंग के कारण धर्मनगरी की बदरंग तस्वीर प्रस्तुत हो रही है।
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हैरानी की बात तो यह है नगर परिषद द्वारा आज तक किसी भी कंपनी को अवैध तरीके से पोस्टर व होर्डिंग लगाने बारे कार्रवाई तो दूर किसी को नोटिस तक जारी नहीं किया गया। जबकि सार्वजनिक संपत्ति को बदरंग बनाने के अधिनियम 2006 के तहत सार्वजनिक संपत्ति पर अनाधिकृत विज्ञापन सामग्री प्रदर्शित करना अपराध की श्रेणी में आता है।
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शहर में पिपली गीता द्वारा से प्रवेश करते विज्ञापनों की भरमार शुरू हो जाती है। पिपली से लेकर थर्ड गेट तक जितने भी बिजली के खंभे हैं उन सभी पर पोस्टर पिचके हुए हैं। ग्रीन बेल्ट की दीवारों पर भी पेंट के साथ प्रचार प्रसार जारी है। वहीं लघु सचिवालय परिसर, रेलवे स्टेशन सहित कई सरकारी इमारतों पर विज्ञापन बोर्ड लगे हुए हैं। थानेसर नगर परिषद का अपना कार्यालय तक भी इससे अछूता नहीं है वहीं सरकारी अस्पताल में भी कई जगह पोस्टर लगे हुए है।
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सार्वजनिक ही नहीं बल्कि निजी भू-भाग पर बैनर, पोस्टर, तोरणद्वार, दीवार लेखन के लिए सरकार द्वारा नप व प्रशासन को शक्ति प्रदान की गई है। नगर परिषद व प्रशासन की अनुमति के बिना सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र में बैनर पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध धारा 145, 146, 147, 148, 149, 150, 151 व 152 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, विभिन्न प्रकार की धाराओं के लिए अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें आरोपी के खिलाफ 10 हजार रुपये का जुर्माना और छह माह तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ दोनों ही सजा व जुर्माना लगाया जा सकता है।
सचिन कौशिक ने बताया कि सेक्टर-17 की निजी इमारतें अनचाहे विज्ञापनों से अटी हुई हैं। इस बारे में अधिकारियों को भी कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब भी सेक्टर-17 में बिजली व स्ट्रीट लाइट के खंभे पर पोस्टर व बैनर लगे हुए हैं। यहां तक कि लोग एससीओ की दीवारों पर भी पोस्टर चस्पा जाते हैं। इससे सेक्टर 17 की सुंदरता को दाग लग रहा है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसा करने वाले लोगों के कार्रवाई की जाए।
राजेंद्र पठानिया ने बताया कि शहर की सरकारी व गैर सरकारी संपत्ति पर अवैध रूप से पोस्टर चिपकाना गैर कानूनी है। ऐसा विज्ञापन करने वाली कंपनियों या संस्थानों के खिलाफ जुर्माना किया जाए। इसके तहत सजा का भी प्रावधान है। जिला प्रशासन को चाहिए कि शहर में विज्ञापन करने वाली कंपनी का ठेका दिया जाए, ताकि इस बेतरतीब विज्ञापन पर रोक लगाई जा सके।

नगर परिषद ने कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने बताया कि बताया कि शहर में अवैध तरीके से लगे सभी होर्डिंग को दो टीम गठित कर उतरवाया जा रहा है। नप द्वारा विज्ञापन के लिए 38 जगह निर्धारित की गई है। इसके अलावा जिस कंपनी का बोर्ड बार-बार लगा दिखाई दिया उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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