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Kurukshetra News: मजबूत होगा नहरी पानी का ढांचा, बड़े स्तर पर होगी फसलों की सिंचाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 01:33 AM IST
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The canal water infrastructure will be strengthened and crops will be irrigated on a large scale
कुरुक्षेत्र। सिंचाई विभाग द्वारा लुखी माइनर का किया गया पुर्ननिर्माण। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के विकास में कृषि का अहम योगदान माना जाता है लेकिन आज तक भी नहरों के जरिए महज 17 फीसदी ही फसलों की सिंचाई जाती है जबकि बाकी सबर्मिसेबल से ही भूमिगत जल निकाला जा रहा है। यह हालात तब है जब पिछले कई वर्षों से जिला अत्यधिक दोहन की श्रेणी में दर्ज है लेकिन अब सिंचाई विभाग ने जिले में नहरी पानी की किसानों तक पहुंच बढ़ाने के लिए ढांचा मजबूत करने की योजना तैयार की है।
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इसके तहत जहां एक दो डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण पूरा कर लिया गया है वहीं दो का भी जल्द किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। तैयार किए गए प्रोजेक्ट पूरे होने पर जहां किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगें पूरी होंगी तो वहीं बड़े स्तर पर इन माइनरों में टेल तक पानी पहुंचेगा। इस पर 15 करोड़ से अधिक का बजट खर्च होना है।
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ठसका डिस्ट्रीब्यूटरी से इन गांवों को होगा फायदा
खस्ताहाल हो चुकी करीब 14 किलोमीटर लंबी ठसका मिराजी डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण 1977 में किया गया था जबकि 1985 में इसकी लाइनिंग की गई। अब इसका पुन: निर्माण किया जाएगा, जिसके बाद टेल तक पानी पहुंचेगा। इससे ठोल, जनसुई, शांति माजरा, बोबपुर, अजरावर, खेड़ी सैंदा, नुरपुर, बुच्ची, रोहटी व टबरा सहित आसपास के अन्य गांव के किसानों को भी फायदा मिल पाएगा। करीब सात करोड़ 99 लाख के इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा कर लिए जाने के दावे किए जा रहे है।
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लुखी माइनर का निर्माण कार्य हुआ पूरा, कई गांवों को फायदा
करीब 13 किलोमीटर लंबी लुखी माइनर का पुन: निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिस पर करीब छह करोड़ 61 लाख 17 हजार रुपये का बजट खर्च किया गया। श्रीनगर, भूस्तला, पिपली माजरा, मंडा, सलपानी कलां, जिमरेहड़ी, लुखी, हसनपुर, व बगथला सहित आसपास के अन्य गांवों के खेतों तक भी इसके जरिए अब आसानी से पानी पहुंच पाएगा। छह अप्रैल 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिहोवा दौरे के दौरान घोषणा की थी।


थानेसर डिस्ट्रीब्यूटरी से इन गांवों को होगा फायदा
सिंचाई विभाग ने थानेसर डिस्ट्रीब्यूटरी का भी पुन: निर्माण किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है। यह मांग जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष लोगों ने रखी थी। सरकार से मंजूरी मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होगा, जिससे खेड़ी रामनगर, फतुहपुर, अमीन व बीड़ अमीन सहित आसपास के अन्य गांवों को भी फायदा होगा। अंतिम बार इस डिस्ट्रीब्यूटरी की लाइननिंग 1982 में की गई थी।



अधिक से अधिक नहरी पानी का प्रयोग करें किसान : मुनीष
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मुनीष बब्बर का कहना है कि जिले के किसान अधिक से अधिक कृषि में नहरी पानी का प्रयोग कर सकें, इसके लिए अधिकतर माइनर व डिस्ट्रीब्यूट्ररी का पुन: निर्माण किया जा रहा है। टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा ताकि किसान आसानी से सिंचाई कर सके और सबर्मिसेबल ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम हो। इससे गिरते भूजल स्तर को बचाने में भी सहायता मिलेगी। सभी प्रोजेक्ट जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
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