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Kurukshetra News: कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को चेताया...मनमानी करने की कोशिश की तो बख्शा नहीं जाएगा, मेरे बारे में रोहतक या हिसार में पता कर लेना
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कुरुक्षेत्र। किसी भी अधिकारी ने मनमानी करने की कोशिश की, बेवजह अपनी जगह बैठक में किसी सहायक को भेजा या बिना सूचना के नदारद रहे तो बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अधिकारी की खबर मैं तत्काल लेता हूं, छोड़ता नहीं। मेरी सख्ती के बारे में रोहतक व हिसार में पता कर लेना। पहले बैठक में भेजे सहायक को बैठक से बाहर करता हूं तो फिर अधिकारी पर कार्रवाई....।
यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं बल्कि विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अधिकारियों को चेतावनी थी, जिसे सुनकर अधिकारी भी सन्न रह गए। मौका था जिला सचिवालय में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक का, जिसमें अध्यक्ष के तौर पर बैठक लेने पहली बार पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने पहले एक-एक समिति सदस्यों व अधिकारियों का परिचय लिया फिर अपना परिचय इस अंदाज में दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बैठक को अधिकारी सामान्य बैठक न समझें। अगर किसी विभागाध्यक्ष को जरूरी काम हो तो बैठक से गैर हाजिर रहने के लिए उनके या फिर जिला उपायुक्त से मंजूरी लेनी होगी। अपने स्तर पर अधिकारी का कोई बहाना नहीं चलने दिया जाएगा। यही नहीं कैबिनेट मंत्री ने चेताया कि अब यह नहीं चलने दिया जाएगा कि कोई शिकायतकर्ता या पीड़ित आठ से दस बार चक्कर काटता रहे। दो से तीन बैठकों में हर परिवाद का निपटारा हो जाना चाहिए। अधिकारियों का बहाना नहीं एक्शन चाहिए। अधिकारी सिर्फ शिकायतें ही दूर न करें बल्कि हर आम व्यक्ति का सम्मान भी करें। कैबिनेट मंत्री के इस एक्शन मोड को देख अधिकारी एक-दूसरे की ओर देखने लगे तो वहीं बाद में जिला उपायुक्त ने कहा कि उनके द्वारा दिए निर्देश का हर अधिकारी को गंभीरता से पालन करना होगा।
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छह शिकायतों का किया समाधान
बैठक में एजेंडे में रखी गईं 12 शिकायतों में से 6 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित 6 शिकायतों पर तुरंत जांच करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
पैक्स में अवैध भर्ती करने पर दर्ज कराएं प्राथमिकी
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एआर को निर्देश जारी किए कि वो डीग-खरींडवा पैक्स में अवैध तरीके से भर्ती करने वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाएं इसके साथ ही दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी में मैनेजर सस्पेंड व अन्य कार्रवाई में अगली बैठक से पहले डीआर कोर्ट का फैसला करें और बैठक में रिपोर्ट के साथ मौजूद हों।
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यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं बल्कि विकास एवं पंचायत विभाग मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अधिकारियों को चेतावनी थी, जिसे सुनकर अधिकारी भी सन्न रह गए। मौका था जिला सचिवालय में शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक का, जिसमें अध्यक्ष के तौर पर बैठक लेने पहली बार पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने पहले एक-एक समिति सदस्यों व अधिकारियों का परिचय लिया फिर अपना परिचय इस अंदाज में दिया।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस बैठक को अधिकारी सामान्य बैठक न समझें। अगर किसी विभागाध्यक्ष को जरूरी काम हो तो बैठक से गैर हाजिर रहने के लिए उनके या फिर जिला उपायुक्त से मंजूरी लेनी होगी। अपने स्तर पर अधिकारी का कोई बहाना नहीं चलने दिया जाएगा। यही नहीं कैबिनेट मंत्री ने चेताया कि अब यह नहीं चलने दिया जाएगा कि कोई शिकायतकर्ता या पीड़ित आठ से दस बार चक्कर काटता रहे। दो से तीन बैठकों में हर परिवाद का निपटारा हो जाना चाहिए। अधिकारियों का बहाना नहीं एक्शन चाहिए। अधिकारी सिर्फ शिकायतें ही दूर न करें बल्कि हर आम व्यक्ति का सम्मान भी करें। कैबिनेट मंत्री के इस एक्शन मोड को देख अधिकारी एक-दूसरे की ओर देखने लगे तो वहीं बाद में जिला उपायुक्त ने कहा कि उनके द्वारा दिए निर्देश का हर अधिकारी को गंभीरता से पालन करना होगा।
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छह शिकायतों का किया समाधान
बैठक में एजेंडे में रखी गईं 12 शिकायतों में से 6 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित 6 शिकायतों पर तुरंत जांच करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
पैक्स में अवैध भर्ती करने पर दर्ज कराएं प्राथमिकी
कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एआर को निर्देश जारी किए कि वो डीग-खरींडवा पैक्स में अवैध तरीके से भर्ती करने वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाएं इसके साथ ही दी किरमच को-ऑपरेटिव सोसायटी में मैनेजर सस्पेंड व अन्य कार्रवाई में अगली बैठक से पहले डीआर कोर्ट का फैसला करें और बैठक में रिपोर्ट के साथ मौजूद हों।