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Kurukshetra News: दफनाने नहीं दिया युवक का शव
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। असमानपुर गांव में युवक के शव को दफनाने को लेकर मुस्लिम समुदाय और ग्रामीणों के बीच माहौल गर्म हो गया। समाज के लोग जमीन को कब्रिस्तान और वक्फ बोर्ड की जमीन बता रहे हैं, जबकि ग्रामीण इस जमीन को नाजायज तौर पर कब्जा करने का आरोप लगा रहे हैं।
उधर, सूचना पाकर थाना सदर, शहर समेत पुलिस चौकी से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस सदर प्रभारी विक्रांत ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, मगर दोनों पक्ष अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दोनों पक्ष को रविवार सुबह 10 बजे थाने में तलब किया। फिलहाल मुस्लिम समुदाय ने युवक के शव को पिहोवा की मस्जिद में रखा है।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जिस जमीन का कब्रिस्तान बताकर शव को दफनाने पर अड़े हैं, वो गांव की जमीन है। यह जमीन गांव के रिहायशी इलाके से सटी है। इसलिए इस जमीन पर कब्रिस्तान बनाना या होना बिल्कुल गलत है। साथ ही युवक और उसके परिजनों का गांव से कोई संबंध नहीं है। आरोप लगाया कि समुदाय के लोग जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। गांव के पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में मुस्लिम समुदाय के लोग नहीं रहते है। यह लोग प्रवासी हैं और किराए पर रहते हैं। इससे पहले भी यह लोग छोटे बच्चों के शव को यहां पर दफन चुके हैं। तब गांव वालों ने विरोध नहीं किया था, लेकिन अब यह लोग यहां कब्रिस्तान बनाकर उस जमीन को वक्फ बोर्ड की बता रहे हैं।
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उधर, सूचना पाकर थाना सदर, शहर समेत पुलिस चौकी से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस सदर प्रभारी विक्रांत ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, मगर दोनों पक्ष अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दोनों पक्ष को रविवार सुबह 10 बजे थाने में तलब किया। फिलहाल मुस्लिम समुदाय ने युवक के शव को पिहोवा की मस्जिद में रखा है।
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वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जिस जमीन का कब्रिस्तान बताकर शव को दफनाने पर अड़े हैं, वो गांव की जमीन है। यह जमीन गांव के रिहायशी इलाके से सटी है। इसलिए इस जमीन पर कब्रिस्तान बनाना या होना बिल्कुल गलत है। साथ ही युवक और उसके परिजनों का गांव से कोई संबंध नहीं है। आरोप लगाया कि समुदाय के लोग जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। गांव के पूर्व सरपंच नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में मुस्लिम समुदाय के लोग नहीं रहते है। यह लोग प्रवासी हैं और किराए पर रहते हैं। इससे पहले भी यह लोग छोटे बच्चों के शव को यहां पर दफन चुके हैं। तब गांव वालों ने विरोध नहीं किया था, लेकिन अब यह लोग यहां कब्रिस्तान बनाकर उस जमीन को वक्फ बोर्ड की बता रहे हैं।
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