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Kurukshetra News: बटन, बेल्ट, कमीज और तागड़ी से ही करनी पड़ी कार में जले युवकों के शव की पहचान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2024 06:54 AM IST
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The bodies of the youth burnt in the car had to be identified only by buttons, belt, shirt and wallet.
कुरुक्षेत्र। पिहोवा 152 डी पर खडी आग के कारण जली हुई कार।  संवाद
कुरुक्षेत्र। पेंट के बटन, कमीज, किसी की बेल्ट तो किसी की तागड़ी से शव की पहचान हुई। इसके लिए कभी परिजन चिकित्सक के पास जा रहे थे तो कभी जांच अधिकारी से पूछताछ कर रहे थे। बाद में परिजनों ने साथ आए दोस्तों की मदद से गौरव (20) निवासी पिलाना, आदित्य (21) निवासी खरावड़ जिला रोहतक और नितेश (18) निवासी जसराना जिला सोनीपत की पहचान की। दरअसल, एलएनजेपी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में मंगलवार को इन तीन युवकों के बुरी तरह से जले हुए शव पहुंचे थे।
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सोमवार रात करीब सवा नौ बजे एनएच 152 डी पर संधौली गांव के निकट ट्राले से टकराकर स्विफ्ट कार में आग लगने उनकी मौत हुई थी, जबकि चौथे साथी आशीष का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो परिजन असमंजस में पड़ गए, क्योंकि जलने के कारण तीनों की पहचान नहीं हो रही थी। इसलिए परिजनों ने साथ आए दोस्तों को आगे बुलाया, जिसके बाद दोस्त कपड़ों से उनकी पहचान करने में जुट गए।
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किसी ने उनके कपड़े लेने वाले दुकानदार से पूछा तो किसी ने उनके साथ रहने वाले दोस्तों से कुछ तथ्य जुटाने का प्रयास किया। आखिरकार बाद में गौरव की पहचान उसकी पहनी तागड़ी से हुई। साथ ही परिजनों ने उसकी पहनी जींस पेंट से भी उसके शव को पहचान लिया, जबकि आदित्य की पहचान उसकी पहनी काले रंग की कमीज से हुई। जलने के कारण उसके शरीर पर एक काले रंग का कपड़ा चिपका हुआ था। इस कपड़े को देखकर परिजनों ने उसकी पहचान कर दी।
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उधर, नितेश के शव की पहचान बड़ी मुश्किल से हुई। शव देखते ही परिजनों के होश उड़ गए, क्योंकि उसके शरीर बुरी तरह से जल चुका था। बाद में शव की शिनाख्त के लिए उसके दोस्तों ने प्रयास किया। आखिरकार उसकी पहनी जींस के बटन से उसकी पहचान हो गई। उस जींस के बटन ओल्ड नेवी का मार्का लगा था। परिजनों के साथ-साथ दोस्तों ने भी बटन से शिनाख्त कर दी, क्योंकि नितेश ब्रांडेड कपड़े पहनता था।


डीएनए के लिए चिकित्सक ने लिया सैंपल
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि हादसे में गौरव को चोट भी लगी थी, जबकि गौरव के साथ आदित्य और नितेश की मौत जलने से हुई है। हालांकि उन्होंने डीएनए जांच के लिए तीनों के शव से दांत के सैंपल लिए हैं। परिजनों के दावा करने पर डीएनए से जांच कराई जा सकेगी।
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