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अस्पताल के बाहर दिया बच्चे को जन्म
अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 10 May 2014 06:41 PM IST
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी से प्रसव पीड़ा के दौरान निकली एक महिला की डिलीवरी गुरुद्वारा छठी पातशाही के निकट हो गई। डिलीवरी के बाद महिला को वापिस सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे हैंडल किया।
जानकारी के अनुसार शाहाबाद निवासी त्रिवेणी पत्नी सुरेंद्र को गर्भवती होने के कारण शुक्रवार को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल लाया गया था। जब उसे अस्पताल का स्टाफ प्रसूति विभाग ले जाया तो महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। डॉक्टरों और स्टाफ नर्स के काफी कहने पर भी उसने चिल्लाना बंद नहीं किया। इसके बाद गर्भवती महिला ने खूब हाथ-पैर चलाए। इस बारे में महिला के पति को भी बताया। काफी समझाने पर भी महिला नहीं मानी और फिर उसे अस्पताल से भेज दिया, लेकिन जैसे ही यह महिला गुरुद्वारा छठी पातशाही के निकट पहुंची, तो उसकी डिलीवरी हो गई। इसके तुरंत बाद फिर से महिला के परिजन उसे सरकारी अस्पताल ले गए।
वहीं जब मेडिकल आफिसर डॉ. मुकेश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि महिला अपनी जिम्मेदारी पर अस्पताल से गई थी। कई बार समझाने के बावजूद वह अपनी जिद्द पर अड़ी और किसी को भी अपने पास नहीं आने दे रही थी। बार-बार समझाने पर जब वह नहीं मानी तो उसे अस्पताल से भेज दिया गया।
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जानकारी के अनुसार शाहाबाद निवासी त्रिवेणी पत्नी सुरेंद्र को गर्भवती होने के कारण शुक्रवार को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल लाया गया था। जब उसे अस्पताल का स्टाफ प्रसूति विभाग ले जाया तो महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। डॉक्टरों और स्टाफ नर्स के काफी कहने पर भी उसने चिल्लाना बंद नहीं किया। इसके बाद गर्भवती महिला ने खूब हाथ-पैर चलाए। इस बारे में महिला के पति को भी बताया। काफी समझाने पर भी महिला नहीं मानी और फिर उसे अस्पताल से भेज दिया, लेकिन जैसे ही यह महिला गुरुद्वारा छठी पातशाही के निकट पहुंची, तो उसकी डिलीवरी हो गई। इसके तुरंत बाद फिर से महिला के परिजन उसे सरकारी अस्पताल ले गए।
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वहीं जब मेडिकल आफिसर डॉ. मुकेश से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि महिला अपनी जिम्मेदारी पर अस्पताल से गई थी। कई बार समझाने के बावजूद वह अपनी जिद्द पर अड़ी और किसी को भी अपने पास नहीं आने दे रही थी। बार-बार समझाने पर जब वह नहीं मानी तो उसे अस्पताल से भेज दिया गया।
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