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Kurukshetra News: वर्कशॉप में 30 साल पहले स्थापित ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन दे गई जवाब
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कुरुक्षेत्र। नया बस अड्डा परिसर स्थित वर्कशॉप में खराब होने पर बंद पड़ी ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन।
- फोटो : संवाद
कुरुक्षेत्र। नए बस अड्डे की कर्मशाला में कई वर्षों से लगी ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन धुलाई से जवाब दे गई है। खराब मशीन को बंद पड़े लगभग डेढ़ माह हो चुके हैं, लेकिन अभी तक नई मशीन की व्यवस्था नहीं हो पाई और न ही इसी को दुरुस्त किया जा सका।
ऑटोमेटिक मशीन वर्कशॉप में करीब 30 साल पहले स्थापित की गई थी। इतने वर्ष तक सेवाएं देने के बाद संभवत: इसकी मियाद भी पूरी हो चुकी है। समय-समय पर जांच परख कर दुरुस्तीकरण के बाद मशीन से धुलाई का कार्य कराया जाता रहा, लेकिन अभी इसकी सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी है। नई मशीन की शीघ्र कोई योजना सिरे चढ़ने की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही।
बताया जा रहा है कि पहले ऑटोमेटिक मशीन से 10 मिनट के अंदर बस की धुलाई हो जाती थी, इससे समय की बचत के साथ यात्रियों के लिए भी बस को टाइम पर तैयार किया जाता था, लेकिन अब पिछले करीब दो माह से ऑटोमेटिक धुलाई कार्य प्रभावित होने से धुलाई में वक्त पहले से ज्यादा लग रहा है। इस कारण बहुत-सी बसें लंबे समय तक वेटिंग में खड़ी रहती हैं, जिसका यात्रियों की सेवा में पूरे समय पर हाजिर होने पर भी संशय है। हालांकि कर्मचारियों की ओर से पाइप के जरिए सफाई संबंधी प्रयास जरूर किए जा रहे है लेकिन ऊंचाई तक पहुंच पाना उनके लिए भी चुनौती है, ऐसे में पानी के संपर्क में आकर धूल-मिट्टी, रेत के कण छत पर जमी रहने से गंदगी पूरी तरह साफ होने की बजाय वहीं चिपकी रह जाती है।
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मोटर खराब है, ठीक करने के लिए भेजी : अश्विनी
कार्य प्रबंधक अश्विनी कुमार ने कहा कि ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन फिलहाल बंद पड़ी है। जांच के दौरान मशीन की मोटर में दिक्कत सामने आई, जिसे ठीक करने के लिए भेजा गया है। गाड़ियों की धुलाई का काम प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा। फोरमैन और नाइट इंचार्ज को बसों की मैन्युअली वाशिंग के लिए विशेष तौर पर निर्देश दिए गए हैं।
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ऑटोमेटिक मशीन वर्कशॉप में करीब 30 साल पहले स्थापित की गई थी। इतने वर्ष तक सेवाएं देने के बाद संभवत: इसकी मियाद भी पूरी हो चुकी है। समय-समय पर जांच परख कर दुरुस्तीकरण के बाद मशीन से धुलाई का कार्य कराया जाता रहा, लेकिन अभी इसकी सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी है। नई मशीन की शीघ्र कोई योजना सिरे चढ़ने की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही।
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बताया जा रहा है कि पहले ऑटोमेटिक मशीन से 10 मिनट के अंदर बस की धुलाई हो जाती थी, इससे समय की बचत के साथ यात्रियों के लिए भी बस को टाइम पर तैयार किया जाता था, लेकिन अब पिछले करीब दो माह से ऑटोमेटिक धुलाई कार्य प्रभावित होने से धुलाई में वक्त पहले से ज्यादा लग रहा है। इस कारण बहुत-सी बसें लंबे समय तक वेटिंग में खड़ी रहती हैं, जिसका यात्रियों की सेवा में पूरे समय पर हाजिर होने पर भी संशय है। हालांकि कर्मचारियों की ओर से पाइप के जरिए सफाई संबंधी प्रयास जरूर किए जा रहे है लेकिन ऊंचाई तक पहुंच पाना उनके लिए भी चुनौती है, ऐसे में पानी के संपर्क में आकर धूल-मिट्टी, रेत के कण छत पर जमी रहने से गंदगी पूरी तरह साफ होने की बजाय वहीं चिपकी रह जाती है।
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मोटर खराब है, ठीक करने के लिए भेजी : अश्विनी
कार्य प्रबंधक अश्विनी कुमार ने कहा कि ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन फिलहाल बंद पड़ी है। जांच के दौरान मशीन की मोटर में दिक्कत सामने आई, जिसे ठीक करने के लिए भेजा गया है। गाड़ियों की धुलाई का काम प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा। फोरमैन और नाइट इंचार्ज को बसों की मैन्युअली वाशिंग के लिए विशेष तौर पर निर्देश दिए गए हैं।