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अब 25 को होंगे थानेसर नगर परिषद के चुनाव

Wed, 18 May 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Wed, 18 May 2016 12:02 AM IST
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नगर परिषद थानेसर के चुनावी मैदान में कूदे 125 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला अब 25 मई को होगा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे देते हुए चुनाव का रास्ता साफ कर दिया है। इसके बाद अब आयोग ने 25 मई को चुनाव करवाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वोटर लिस्ट में संशोधन के बाद चुनाव प्रक्रिया रिव्यू करने के आदेशों के बाद चुनाव पर रोक लगा दी गई थी। 
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आयोग की ओर से निर्देश आते ही प्रशासन फिर से चुनावी तैयारियों में जुट गया है। उम्मीदवारों ने भी राहत की सांस ली है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से पहले जारी कार्यक्रम के तहत यह चुनाव 22 मई को होने थे, लेकिन पिछले कई दिनों से पड़े पचड़े से परेशान अधिकारियों ने भी अब दो दिन बाद चुनाव करवाने की घोषणा करने पर राहत महसूस की है। प्रशासन की ओर से अब जो प्रक्रिया पहले जिस स्तर पर रोकी गई थी, उसी से ही शुरू की जाएगी। इस दौरान वोटर लिस्ट में भी कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। 
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बता दें कि वार्ड नं 23 निवासी सुमनलता ने वार्ड नं 19 से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद जब वोटर लिस्ट जारी हुई तो उसमें उसका नाम गायब मिला। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस पर हाईकोर्ट ने 12 मई को एक दिन आपत्तियां लेने के बाद वोटर लिस्ट में संशोधन करने और जरूरत के अनुसार चुनाव प्रक्रिया रिव्यू करने का आदेश दिया था। इसी बीच प्रशासन ने अगले दिन निर्धारित तिथि अनुसार 13 मई को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया था। जबकि, इसी दिन आयोग की ओर से पहले वार्ड नं 19 के लिए और बाद में सभी 31 वार्ड के चुनावों पर रोक लगा दी गई थी। इससे याचिकाकर्ता सुमनलता ने अपनी बड़ी जीत भी माना था और उन्हें उम्मीद भी लगी थी कि वह अब चुनाव लड़ पाएंगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी उम्मीद खत्म हो गई। इसी के साथ ही राज्य चुनाव आयोग ने 25 मई को चुनाव करवाए जाने का निर्णय लिया। इससे संबंधित निर्देश भी देर शाम प्रशासन को जारी कर दिए गए। इसकी पुष्टि रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सतबीर कुुुंडू ने भी की। बता दें कि वार्ड नं 19 में उमा सुधा निर्विरोध पार्षद बन गई हैं। इसके बाद अब 30 वार्डों में से 125 उम्मीदवार मैदान में हैं। 
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चुनाव आयोग के आए निर्देश : कुंडू
एसडीएम एवं रिटर्निंग अधिकारी सतबीर कुंडू ने बताया कि चुनाव 25 मई को होंगे और उसी दिन मतगणना भी होगी। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग की ओर से उन्हें नोटिफिकेशन मिल चुका है। इसके बाद अगली तैयारियां शुरू कर दी गई है।

सभी प्रत्याशियों को आज दिए जाएंगे दिशा-निर्देश
परिषद के सभी वार्डों में चुनाव मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों की बुधवार को बैठक बुलाई गई है। जिला सचिवालय में होने वाली इस बैठक के लिए सभी उम्मीदवारों को संदेश भी भेज दिए गए। इस बैठक में उन्हें आचार संहिता से लेकर चुनाव खर्च सहित विभिन्न विषयों पर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

बदले कई बूथ, चुनाव आयोग से मांगी अनुमति
प्रशासन ने चुनाव के लिए बनाए बूथों में से दो वार्डों के आधा दर्जन बूथ बदल दिए हैं। इसके लिए अप्रूवल लेने के लिए प्रशासन की ओर से राज्य चुनाव आयोग को सूची भेजी गई है। बताया जा रहा है कि बदले गए बूथों में से एक बूथ ऐसा है, जहां पहले निर्धारित बूथ का भवन खस्ताहाल में था।

खुल गई इनेलो के लगाए आरोपों की पोल : सुधा
विधायक सुभाष सुधा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि इनेलो की ओर से उन पर लगाए गए आरोपों की पोल खुल गई है। उन पर निराधार आरोप लगाए जा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने पहले की प्रक्रिया पर मुहर लगा दी है और अब यह चुनाव 25 मई को करवाए जा रहे हैं। उन्हें पूरा भरोसा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को नगर की जनता चुनकर विकास कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपेगी।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य होगा : अशोक अरोड़ा
इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य होगा। इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं की जा सकती है। हाईकोर्ट ने भी चुनाव पर रोक नहीं लगाई थी और मामले को ही संज्ञान में लिया था। यह पूरा मामला भी सही था और कई मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। लेकिन यह मामला चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अदालत में पहुंचा है। इसके चलते ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों को स्टे किया है। अब उन्हें उम्मीद है कि सत्तासीन भाजपा को मतदाता अवश्य ही सबक सिखाने का कार्य करेंगे।


क्या कहते हैं बार एसोसिएशन के प्रधान
बार एसोसिएशन के प्रधान मनोज कौशिक का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अदालत में गए। इस मामले में ऐसा ही फैसला आने की उम्मीद थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे दिया है। यानि चुनाव नहीं रुकेंगे। 
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