अब मृदा की उपजाऊ शक्ति की जांच कराने के लिए किसानों को बाहर नहीं भटकना पड़ेगा, बल्कि जिले में ही उनको यह सुविधा उपलब्ध होगी। जिले में पिपली, बाबैन व इस्माईलाबाद में तीन मिनी नई भूमि परीक्षण प्रयोगशाला (सॉयल टेस्टिंग लैब) खोली गई है। वीरवार को थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने इन तीन लैब का लघु सचिवालय के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। विधायक सुधा ने बताया कि सीएम मनोहर लाल ने वीसी के माध्यम से 40 सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी का उद्घाटन किया है, इन पर करीब पांच करोड़ 32 लाख 21 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है। इसमें तीन मिनी सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी जिला कुरुक्षेत्र में बनाई गई है। इन पर करीब साढ़े 19 लाख रुपये की राशि खर्च हुई है। उन्होंने कहा कि इन मिनी सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी से पता चल सकेगा कि खेत की मिट्टी में क्या कमी है और किस तरह से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाई जा सकती है। स्कूलों में जो साइंस लैब होती है उसमें भी सॉयल टेस्टिंग की जाएगी तथा बाद में यह कार्य कॉलेजों में भी शुरू किया जाएगा। पूरे प्रदेश में सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी का जाल बिछाया जाएगा, जिसके बाद कृषि भूमि में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी। वीसी के जरिए सीएम ने कहा कि सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी से अनाज की गुणवत्ता तथा मात्रा के बारे में भी पता चल सकेगा। प्रदेश में छात्रों के लिए लैब स्थापित की जाएगी। प्रदेश में 75 लाख कृषि एकड़ भूमि है जिसकी जांच तीन साल में पूरी कर ली जाएगी। आज प्रथम चरण में 40 सॉयल टेस्टिंग लेबोरेटरी में 25 लाख एकड़ भूमि की टेस्टिंग की जाएगी। इसके बाद शेष बची 50 लाख एकड़ भूमि की टेस्टिंग की जाएगी। वहीं कृषि मंत्री जेपी दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त प्रधान सचिव सुमिता मिश्रा ने संबंधित जानकारी दी। इस मौके पर डीसी मुकुल कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष राजकुमार सैनी, विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मिल सहित अन्य मौजूद रहे।