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सौ फीसद बच्चों का पंजीकरण करवाने वाले गुरुजी होंगे सम्मानित
ब्यूरो/अमर उजाला/कुरुक्ष्ाेत्र।
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:18 AM IST
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शिक्ष्ाा
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अभी तक बच्चों की कमी झेल रहे सरकारी स्कूलों में नए सत्र से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। स्कूलों में छात्रों की यह संख्या बढ़ाने में अभिभावकों की मदद ली जाएगी तो विभाग ने अध्यापकों को इसमें अहम जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है। उन्हें निजी स्कूलों की तरह अभिभावकों को अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा तो अपनी कक्षा के सभी छात्रों का अगली कक्षा में दाखिला करवाने के लिए भी पसीना बहाना होगा। बच्चों का सौ फीसदी दाखिला अगली कक्षा में करवाने वाले अध्यापकों को प्रोत्साहति भी किया जाएगा तो वहीं इसमें गंभीरता न दिखाने वाले अध्यापकों को खामियाजा भी भुगतना होगा। दाखिला प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अध्यापकों की दाखिलों में सहभागिता का पूरा रिकॉर्ड बनाया जाएगा। जिसमें उसके द्वारा अपनी कक्षा के परिणाम के बाद अगली कक्षा में दाखिल करवाए गए बच्चों की संख्या व स्कूल का नाम भी दर्ज किया जाएगा। यह रिकॉर्ड विभाग के उच्चाधिकारियों को भी भेजा जाएगा जबकि इससे अध्यापकों की गंभीरता भी आंकी जाएगी। सौ फीसदी दाखिला करवाने वाले अध्यापकों को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
दूसरे स्कूलों में भी जाकर दाखिला करवाएंगे अध्यापक
बच्चों को दाखिल करवाने की जिम्मेदारी अध्यापकों की अपने स्कूल की ही नहीं बल्कि दूसरे स्कूल की भी होगी। प्राथमिक, मिडल व हाई स्कूल की अंतिम कक्षा के अध्यापकों को ही आसपास के बड़े स्कूल में दाखिल करवाना होगा। अध्यापक को कक्षा के सभी बच्चों के अभिभावकों को भी सूचना देने के साथ-साथ उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करना होगा।
80 फिसदी से अधिक अंक वाली छात्राएं होंगी सम्मानित
विभाग ने 10वीं कक्षा के पहले समेस्टर में 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल कर चुकी जिलेभर के सरकारी स्कूलों की छात्राओं व उन्हें पढ़ाने वाले अध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए इसी माह में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इन छात्राओं से यह भी आश्वासन लिया जाएगा कि वह 11वीं कक्षा में भी सरकारी स्कूल में ही दाखिला लेगी। सरकारी स्कूलों की जिन छात्राओं ने राज्य स्तरीय किसी भी खेल में जीत दर्ज की है उन छात्राओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
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जिलेभर में हैं 798 स्कूल
जिले में कुल 798 स्कूल हैं, जिनमें 498 प्राथमिक, 185 मिडल, 47 हाई व 68 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें वर्तमान सत्र में लगभग एक लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान सत्र की शुरुआत में ही तीन स्कूलों को छात्रों की संख्या न के बराबर रहने से उन्हें आसपास के स्कूलों में मर्ज कर दिया गया था। अभी उक्त सभी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग एड़ी-चोटी का जोर लगाने की योजना बना रहा है।
सभी स्कूल मुखियाओं को जारी किया जा रहा है पत्र : सुमन आर्य
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य का कहना है कि विभाग स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए बेहद सख्त और प्रयासरत है। इसी के चलते ही सभी अध्यापकों को बच्चों के पंजीकरण बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सभी स्कूल मुखियाओं को इस संबंध में पत्र जारी किया जाएगा। निर्देशों पर खरा उतरने वाले अध्यापकों को प्रोत्साहित किया जाएगा तो लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।
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दूसरे स्कूलों में भी जाकर दाखिला करवाएंगे अध्यापक
बच्चों को दाखिल करवाने की जिम्मेदारी अध्यापकों की अपने स्कूल की ही नहीं बल्कि दूसरे स्कूल की भी होगी। प्राथमिक, मिडल व हाई स्कूल की अंतिम कक्षा के अध्यापकों को ही आसपास के बड़े स्कूल में दाखिल करवाना होगा। अध्यापक को कक्षा के सभी बच्चों के अभिभावकों को भी सूचना देने के साथ-साथ उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करना होगा।
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80 फिसदी से अधिक अंक वाली छात्राएं होंगी सम्मानित
विभाग ने 10वीं कक्षा के पहले समेस्टर में 80 फीसदी से अधिक अंक हासिल कर चुकी जिलेभर के सरकारी स्कूलों की छात्राओं व उन्हें पढ़ाने वाले अध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए इसी माह में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इन छात्राओं से यह भी आश्वासन लिया जाएगा कि वह 11वीं कक्षा में भी सरकारी स्कूल में ही दाखिला लेगी। सरकारी स्कूलों की जिन छात्राओं ने राज्य स्तरीय किसी भी खेल में जीत दर्ज की है उन छात्राओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
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जिलेभर में हैं 798 स्कूल
जिले में कुल 798 स्कूल हैं, जिनमें 498 प्राथमिक, 185 मिडल, 47 हाई व 68 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें वर्तमान सत्र में लगभग एक लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान सत्र की शुरुआत में ही तीन स्कूलों को छात्रों की संख्या न के बराबर रहने से उन्हें आसपास के स्कूलों में मर्ज कर दिया गया था। अभी उक्त सभी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग एड़ी-चोटी का जोर लगाने की योजना बना रहा है।
सभी स्कूल मुखियाओं को जारी किया जा रहा है पत्र : सुमन आर्य
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य का कहना है कि विभाग स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए बेहद सख्त और प्रयासरत है। इसी के चलते ही सभी अध्यापकों को बच्चों के पंजीकरण बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सभी स्कूल मुखियाओं को इस संबंध में पत्र जारी किया जाएगा। निर्देशों पर खरा उतरने वाले अध्यापकों को प्रोत्साहित किया जाएगा तो लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।