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Kurukshetra News: मान्यता के लिए सवालों के घेरे में टीचर एजुकेशन इंस्टीट्यूट
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कुरुक्षेत्र। पलवल स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में चल रहे बीए-बीएड और बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स मान्यता संकट में फंस गए हैं। वर्ष 2021 से शुरू हुए ये कोर्स अब तक नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं।
शिक्षक शिक्षा से जुड़े किसी भी कोर्स को चलाने के लिए एनसीटीई की मान्यता अनिवार्य है। इसके बावजूद पिछले चार वर्षों से ये कोर्स बिना स्वीकृति के ही संचालित हो रहे हैं, जिससे संस्थान की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। कोर्स कर रहे विद्यार्थियों में भी रोष है कि उन्हें पहले कोर्स मान्यता के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। अभी तक मान्यता न मिलने की स्थिति में कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की डिग्रियों की वैधता पर संशय गहराता जा रहा है। यदि जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो वर्षों की पढ़ाई और मेहनत व्यर्थ जाने का खतरा है। यह स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
निदेशक का दावा कि जल्द मिलेगी मान्यता
संस्थान के निदेशक डॉ. ऋषि गोयल ने स्वीकार किया कि वर्तमान में कोर्सों को एनसीटीई की मान्यता नहीं है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार और विवि स्तर पर फाइल प्रक्रिया में है तथा जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
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शिक्षक शिक्षा से जुड़े किसी भी कोर्स को चलाने के लिए एनसीटीई की मान्यता अनिवार्य है। इसके बावजूद पिछले चार वर्षों से ये कोर्स बिना स्वीकृति के ही संचालित हो रहे हैं, जिससे संस्थान की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। कोर्स कर रहे विद्यार्थियों में भी रोष है कि उन्हें पहले कोर्स मान्यता के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। अभी तक मान्यता न मिलने की स्थिति में कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की डिग्रियों की वैधता पर संशय गहराता जा रहा है। यदि जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो वर्षों की पढ़ाई और मेहनत व्यर्थ जाने का खतरा है। यह स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
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निदेशक का दावा कि जल्द मिलेगी मान्यता
संस्थान के निदेशक डॉ. ऋषि गोयल ने स्वीकार किया कि वर्तमान में कोर्सों को एनसीटीई की मान्यता नहीं है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार और विवि स्तर पर फाइल प्रक्रिया में है तथा जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
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