{"_id":"671d6f2128f45c07b8094574","slug":"tanu-stood-first-and-diksha-stood-second-in-road-safety-quiz-kurukshetra-news-c-45-1-kur1002-126128-2024-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी में तनु पहले व दीक्षा रही दूसरे स्थान पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी में तनु पहले व दीक्षा रही दूसरे स्थान पर
विज्ञापन
शाहाबाद। आर्य कन्या महाविद्यालय में सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न विषयों जैसे स्पीड लिमिट, सिग्नल का सही उद्देश्य और सड़क पार करने के नियम पर प्रश्न पूछे गए। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 409 छात्राओं ने गूगल फॉर्म के माध्यम से अपने उत्तर प्रेषित किए। प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम वर्ष की तनु ने पहला, बीए प्रथम वर्ष की दीक्षा ने दूसरा और बीए द्वितीय वर्ष की सिमरन कौर व बीएससी द्वितीय वर्ष की लवलीश ने तीसरा स्थान हासिल किया।
प्राचार्य डॉ. आरती त्रेहन ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों पर प्रतियोगिता का आयोजन छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम सभी को सड़क सुरक्षा के नियमों की समझ देते हैं। इसके माध्यम से यातायात नियमों का सही ज्ञान बढ़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलती है। भारत में सड़क हादसों के कारण हर साल हजारों लोगों की जान जाती है। सेल संयोजिका डॉ. हेमा सुखीजा ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत दुर्घटनाओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता और उनका पालन करके रोका जा सकता है। यदि लोग यातायात नियमों को सही तरीके से समझें और पालन करें, तो ये हादसे और इससे होने वाली मौतों की संख्या में भारी कमी लाई जा सकती है। इस मौके पर डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. पूनम सिवाच, अनुराधा, दीक्षा, इशिका, निकिता सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. आरती त्रेहन ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों पर प्रतियोगिता का आयोजन छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम सभी को सड़क सुरक्षा के नियमों की समझ देते हैं। इसके माध्यम से यातायात नियमों का सही ज्ञान बढ़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलती है। भारत में सड़क हादसों के कारण हर साल हजारों लोगों की जान जाती है। सेल संयोजिका डॉ. हेमा सुखीजा ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत दुर्घटनाओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता और उनका पालन करके रोका जा सकता है। यदि लोग यातायात नियमों को सही तरीके से समझें और पालन करें, तो ये हादसे और इससे होने वाली मौतों की संख्या में भारी कमी लाई जा सकती है। इस मौके पर डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. पूनम सिवाच, अनुराधा, दीक्षा, इशिका, निकिता सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन