{"_id":"62588232388b24027445a953","slug":"take-this-wealth-also-take-this-fame-also-kurukshetra-news-knl1049699199","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये दौलत भी ले लो यह शोहरत भी ले लो...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये दौलत भी ले लो यह शोहरत भी ले लो...
विज्ञापन
Take this wealth also take this fame also...
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विवि. के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग ने बुधवार को गजल गायक एवं केयू भूतपूर्व छात्र स्व. जगजीत सिंह की याद में वॉयस ऑफ केयूके प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें विभिन्न विवि. व महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी प्रस्तुतियां दी। युवा फनकारों ने अपने मधुर गीतों से वॉयस ऑफ केयूके में सुरों के रंग बिखेरे।
एसडी कॉलेज अंबाला कैंट की छात्रा वैष्णवी तिवारी ने इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर वॉयस ऑफ केयूके का खिताब अपने नाम किया। वैष्णवी तिवारी द्वारा गाई गजल ‘ये दौलत भी ले लो यह शोहरत भी ले लो’ को सभी ने सराहा व प्रशंसा की। दूसरे स्थान पर जीएमएन कॉलेज की छात्रा रबनूर रहीं व तीसरे स्थान पर केयू के संगीत विभाग की छात्रा अंजलि स्टैनले रही। वहीं एसडी कॉलेज अंबाला कैंट की छात्रा प्रीति तिवारी व जीएन खालसा कॉलेज करनाल के छात्र देव रावत को सांत्वना पुरस्कार मिला है।
इस मौके पर बोलते हुए मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विवि. के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने सभी को बैसाखी की बधाई दी व शहीदों की शहादत को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई प्रतिभा और नए गायक पैदा करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रथम चरण के मुकाबले के बाद फाइनल राउंड के लिए 16 विद्यार्थियों को चुना गया था। कलाकारों की गजलों और गीतों को सुनकर सभागार तालियों से गूंज उठा और संगीतमय माहौल बनता चला गया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका जगजीत सिंह के भाई करतार सिंह, डॉ. हुकम चंद व गोविंद सरस्वती ने निभाई। इस मौके पर करतार सिंह ने कहा कि विवि. के साथ उनकी यादें जुड़ी हुई हैं। उनके कॅरिअर की शुरुआत कुरुक्षेत्र विवि. से ही हुई थी। मंच संचालन डॉ. महासिंह पूनिया ने किया। इस मौके पर कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, कुलसचिव की धर्मपत्नी सुमिता शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रो. शुचिस्मिता, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. परमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
एसडी कॉलेज अंबाला कैंट की छात्रा वैष्णवी तिवारी ने इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर वॉयस ऑफ केयूके का खिताब अपने नाम किया। वैष्णवी तिवारी द्वारा गाई गजल ‘ये दौलत भी ले लो यह शोहरत भी ले लो’ को सभी ने सराहा व प्रशंसा की। दूसरे स्थान पर जीएमएन कॉलेज की छात्रा रबनूर रहीं व तीसरे स्थान पर केयू के संगीत विभाग की छात्रा अंजलि स्टैनले रही। वहीं एसडी कॉलेज अंबाला कैंट की छात्रा प्रीति तिवारी व जीएन खालसा कॉलेज करनाल के छात्र देव रावत को सांत्वना पुरस्कार मिला है।
विज्ञापन
इस मौके पर बोलते हुए मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विवि. के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने सभी को बैसाखी की बधाई दी व शहीदों की शहादत को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई प्रतिभा और नए गायक पैदा करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि प्रथम चरण के मुकाबले के बाद फाइनल राउंड के लिए 16 विद्यार्थियों को चुना गया था। कलाकारों की गजलों और गीतों को सुनकर सभागार तालियों से गूंज उठा और संगीतमय माहौल बनता चला गया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका जगजीत सिंह के भाई करतार सिंह, डॉ. हुकम चंद व गोविंद सरस्वती ने निभाई। इस मौके पर करतार सिंह ने कहा कि विवि. के साथ उनकी यादें जुड़ी हुई हैं। उनके कॅरिअर की शुरुआत कुरुक्षेत्र विवि. से ही हुई थी। मंच संचालन डॉ. महासिंह पूनिया ने किया। इस मौके पर कुलपति की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, कुलसचिव की धर्मपत्नी सुमिता शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रो. शुचिस्मिता, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. परमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।