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Kurukshetra News: जल बचाओ-भविष्य बचाओ संदेश से जोड़े जाएंगे विद्यार्थी
Tue, 20 Jan 2026 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 20 Jan 2026 03:40 AM IST
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कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एससीईआरटी गुरुग्राम के दिशा-निर्देशों के तहत जिले के 15 चयनित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह फेज-दो का शुभारंभ शीतकालीन अवकाश के पहले दिन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर रैलियां, वर्षा जल संचयन की जानकारी, जल बचाओ पर पोस्टर व निबंध प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों और समुदाय के साथ संवाद सत्र तथा स्कूल परिसरों में व्यावहारिक उपाय आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कूल को गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए 4000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. तरसेम कौशिक ने कहा कि जल जीवन का आधार है और वर्तमान में इसके संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट उत्पन्न हो सकता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से जल संरक्षण से जोड़ना है। अभियान के लिए पांच खंडों के 15 स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें शाहबाद, थानेसर, लाडवा, पिहोवा और बाबैन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें। शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को स्कूल खुले और बच्चों में उत्साह दिखा। मौसम ने भी साथ दिया और स्कूलों में पहले दिन बढ़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। जिले के विभिन्न स्कूलों में पहले दिन कईं गतिविधियां कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रुचिपूर्ण हिस्सा लिया। संवाद
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्कूल को गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए 4000 की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। डॉ. तरसेम कौशिक ने कहा कि जल जीवन का आधार है और वर्तमान में इसके संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट उत्पन्न हो सकता है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से जल संरक्षण से जोड़ना है। अभियान के लिए पांच खंडों के 15 स्कूलों का चयन किया गया है, जिनमें शाहबाद, थानेसर, लाडवा, पिहोवा और बाबैन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरित करें। शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को स्कूल खुले और बच्चों में उत्साह दिखा। मौसम ने भी साथ दिया और स्कूलों में पहले दिन बढ़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। जिले के विभिन्न स्कूलों में पहले दिन कईं गतिविधियां कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रुचिपूर्ण हिस्सा लिया। संवाद
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