हरियाणा: अब आयुर्वेद के सभी 14 विषयों से स्नातकोत्तर कर सकेंगे विद्यार्थी, श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय को मिली एलओपी
हरियाणा में पहली बार आयुर्वेद के पंचकर्म, शरीर क्रिया, काया चिकित्सा, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग सहित सभी 14 विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होगी।
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल को स्थापना के 50 साल बाद आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी, एमएस कराने की सौगात मिली है। अब हरियाणा में पहली बार आयुर्वेद के पंचकर्म, शरीर क्रिया, काया चिकित्सा, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग सहित सभी 14 विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होगी।
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (आयुष मंत्रालय) ने आयुर्वेदिक महाविद्यालय को नौ और विषयों की 42 सीटों पर एमडी कराने की अनुमति दी है। इससे पहले यहां पांच विषय पंचकर्म, शरीर क्रिया, शरीर रचना, कौमारभृत्य तथा शल्य तंत्र में 24 सीटों पर एमडी कराई जा रही थी। आयुष विश्वविद्यालय का श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय नॉर्थ जोन का ऐसा पहला महाविद्यालय बन गया है, जहां आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी, एमएस की पढ़ाई कराई जाएगी।
एमडी में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थी एलओपी मिलने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब आयुर्वेदिक कॉलेज में इसी सत्र से एमडी, एमएस की पढ़ाई कराई जाएगी। आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों में एमडी की 42 सीटों पर लेटर ऑफ परमिशन मिलने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा।
विदित हो कि हाल ही में श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय को आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों की 42 सीटों पर एमडी कराने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) मिला था, जिसके बाद आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) के लिए सारी प्रक्रिया पूरी की गई थी।
आयुर्वेद के इन नौ विषयों की 42 सीटों पर मिली एलओपी
विषय सीट
- काया चिकित्सा 05
- प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग 05
- शालाक्य तंत्र 05
- अगड़तंत्र 02
- द्रव्यगुण विज्ञान 05
- स्वस्थवृत्त 05
- रोग निदान एवं विकृति विज्ञान 05
- रस शास्त्र 05
- आयुर्वेद समित्ता एवं सिद्धांत 05
इन पांच विषयों में पिछले दो सत्रों से कराई जा रही है पीजी
विषय सीट
- पंचकर्म 03
- शरीर क्रिया 06
- शरीर रचना 06
- कौमारभृत्य 03
- शल्यतंत्र 06
श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हरियाणा में पहली बार आयुर्वेद के सभी विषयों में पीजी कराई जाएगी। सभी विषयों में पीजी शुरू होने से प्रदेशभर के विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी।
आयुर्वेदिक टीचर एसोसिएशन हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. अशोक राणा का कहना है कि वर्ष 1972 में महाविद्यालय की स्थापना के बाद अब सभी विषयों में एमडी, एमएस की पढ़ाई कराई जाएगी। सरकार को महाविद्यालय के लिए अतिरिक्त बजट देता चाहिए, ताकि यहां शिक्षा व शोध पर बेहतरीन कार्य किया जा सके।
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव कुमार का कहना है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग की ओर से आयुर्वेद के अन्य नौ विषयों की 42 सीटों पर एमडी कराने की अनुमति मिली है। आयुष विश्वविद्यालय को सोमवार तक आधिकारिक पत्र प्राप्त होगा। इसी सत्र से आयुर्वेद के सभी विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।