{"_id":"674b8018d07b0bf08501ff26","slug":"students-took-out-a-rally-and-gave-the-message-of-not-using-plastic-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-127679-2024-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: विद्यार्थियों ने रैली निकाल प्लास्टिक का प्रयोग न करने का दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: विद्यार्थियों ने रैली निकाल प्लास्टिक का प्रयोग न करने का दिया संदेश
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। विजेता विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते मुख्यातिथि सहित अन्य सदस्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में साइंस विभाग की ओर से थिंक ग्रीन अवॉइड प्लास्टिक पर शुक्रवार को जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों को प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यातिथि डीन ऑफ साइंसेज प्रो. संजीव अरोड़ा रहे। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में अनुष्का ने पहला, आशना ने दूसरा तथा पूर्णिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। वरिष्ठ वर्ग में रिया ने पहला, मनीषा ने दूसरा और मनप्रीत ने तीसरा स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में हर्ष ने पहला, मानवी ने दूसरा और पुनीत ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस दौरान विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यातिथि ने बताया कि प्लास्टिक का आविष्कार 1950 में हुआ और प्लास्टिक मुख्य रूप से छह प्रकार की पाई जाती है, जिनका उनके द्वारा विस्तारपूर्वक अध्ययन किया गया। प्लास्टिक के गलने में 200 से 300 वर्ष लग जाते हैं और इसका उपयोग न करते हुए कपड़े से बने हुए थैले का उपयोग किया जा सकता है। स्कूल की वाइस चेयरपर्सन प्रोफेसर सुनीता दलाल ने बताया कि प्रो. संजीव अरोड़ा स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने स्कूल को अपने दो अन्य साथियों के सहयोग से स्कूल को एक फ्रीज और एक प्रिंटर भेंट किया। प्रधानाचार्य महोदय डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि हम सबको प्रण लेना चाहिए कि हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें व प्लास्टिक मुक्त रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यातिथि डीन ऑफ साइंसेज प्रो. संजीव अरोड़ा रहे। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में अनुष्का ने पहला, आशना ने दूसरा तथा पूर्णिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। वरिष्ठ वर्ग में रिया ने पहला, मनीषा ने दूसरा और मनप्रीत ने तीसरा स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में हर्ष ने पहला, मानवी ने दूसरा और पुनीत ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस दौरान विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।
विज्ञापन
मुख्यातिथि ने बताया कि प्लास्टिक का आविष्कार 1950 में हुआ और प्लास्टिक मुख्य रूप से छह प्रकार की पाई जाती है, जिनका उनके द्वारा विस्तारपूर्वक अध्ययन किया गया। प्लास्टिक के गलने में 200 से 300 वर्ष लग जाते हैं और इसका उपयोग न करते हुए कपड़े से बने हुए थैले का उपयोग किया जा सकता है। स्कूल की वाइस चेयरपर्सन प्रोफेसर सुनीता दलाल ने बताया कि प्रो. संजीव अरोड़ा स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने स्कूल को अपने दो अन्य साथियों के सहयोग से स्कूल को एक फ्रीज और एक प्रिंटर भेंट किया। प्रधानाचार्य महोदय डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि हम सबको प्रण लेना चाहिए कि हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें व प्लास्टिक मुक्त रखें।
विज्ञापन