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कथा में सुनाया श्रीकृष्ण-रुकमणी विवाह प्रसंग
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कथा में व्यासपीठ का पूजन करते मुख्यातिथि जितेंद्र बंसल। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दुखभंजन महादेव मंदिर में कार्तिक मास के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवद कथा में श्रीकृष्ण-रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भजनोें पर श्रद्धालु झूमते रहे।
कथावाचक शुकदेवाचार्य ने कहा कि जो लोग भगवान की निर्भरता का नाम लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना, सोना अथवा आराम में लगे रहना चाहते हैं, वे अपने आप को धोखा देते हैं। भगवान की निर्भरता में भक्त का जीवन सर्वदा और सर्वथा भगवत सेवा परायण बन जाता हैं। इस मौके पर श्रीकृष्ण-रुकमणी की आकर्षक झांकी दिखाई गई। गायक सीताराम कश्यप और अरुण शर्मा द्वारा सुनाए गए भजन आओ मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो, मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो और दूल्हा बने हैं नंदलाल की जोड़ी का जवाब नहीं...पर श्रद्धाु झूम उठे।
मस्त फक्कड़नाथ शिव शक्ति आश्रम ट्रस्ट के प्रधान जितेंद्र बंसल ने बतौर मुख्यातिथि दीप प्रज्ज्वलित किया। यजमां रामपाल गुप्ता, राज गौड़, कश्मीरी लाल, गोवर्धन दास, कृष्ण लाल व ठाकुर नीलमणि ने सर्वदेव व भागवद पूजन करके कथावाचक शुकदेव आचार्य को तिलक लगाया। भागवत आरती में आचार्य नरेश कौशिक, एडवोकेट मनमोहन शर्मा, जय कुमार शर्मा, मोहन भारद्वाज, रोजी शर्मा, हेमराज, अनिल गुप्ता, डॉ. अनिल शर्मा, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। दुखभंजन महादेव मंदिर में कार्तिक मास के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवद कथा में श्रीकृष्ण-रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भजनोें पर श्रद्धालु झूमते रहे।
कथावाचक शुकदेवाचार्य ने कहा कि जो लोग भगवान की निर्भरता का नाम लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना, सोना अथवा आराम में लगे रहना चाहते हैं, वे अपने आप को धोखा देते हैं। भगवान की निर्भरता में भक्त का जीवन सर्वदा और सर्वथा भगवत सेवा परायण बन जाता हैं। इस मौके पर श्रीकृष्ण-रुकमणी की आकर्षक झांकी दिखाई गई। गायक सीताराम कश्यप और अरुण शर्मा द्वारा सुनाए गए भजन आओ मेरी सखियों मुझे मेहंदी लगा दो, मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो और दूल्हा बने हैं नंदलाल की जोड़ी का जवाब नहीं...पर श्रद्धाु झूम उठे।
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मस्त फक्कड़नाथ शिव शक्ति आश्रम ट्रस्ट के प्रधान जितेंद्र बंसल ने बतौर मुख्यातिथि दीप प्रज्ज्वलित किया। यजमां रामपाल गुप्ता, राज गौड़, कश्मीरी लाल, गोवर्धन दास, कृष्ण लाल व ठाकुर नीलमणि ने सर्वदेव व भागवद पूजन करके कथावाचक शुकदेव आचार्य को तिलक लगाया। भागवत आरती में आचार्य नरेश कौशिक, एडवोकेट मनमोहन शर्मा, जय कुमार शर्मा, मोहन भारद्वाज, रोजी शर्मा, हेमराज, अनिल गुप्ता, डॉ. अनिल शर्मा, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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