{"_id":"57644fed4f1c1be53811cf82","slug":"speed-was-spat-at-and-now-apathy","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले स्पैट से स्पीड हुआ और अब बेरुखी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले स्पैट से स्पीड हुआ और अब बेरुखी
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस ने पहले स्पैट शुरू किया, जिसे भाजपा सरकार ने स्पीड का नाम दे दिया। एक बार स्पीड ट्रायल करवाने के बाद इस योजना पर संशय की स्थिति है। अभी तक इस मामले में खेल विभाग की ओर से भी इस योजना को लेकर कोई हलचल नहीं है। इस योजना का इंतजार विद्यार्थियों को भी है, लेकिन यह अब आगे चलाई जाएगी या नहीं इस पर अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं हैं।
यह है योजना को लेकर स्थिति
स्पीड ट्रायलों को लेकर पूरी तरह से असमंजस की स्थिति बनी हुई। खेल विभाग भी इस बारे में कुछ सटीक कहने से बच रहा है। बताया जा रहा है कि अभी इस को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। स्पीड के एक बार ट्रायल होने के बाद उम्मीद थी यह योजना जारी रहेगी, लेकिन एक ट्रायल के बाद ही इस पर ब्रेकलग गया है। अब यह योजना आगे जारी रहेगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। बताया जा रहा है कि खेल विभाग ने इस योजना को लेकर कोई दिशा निर्देश तक जारी नहीं किए हैं। योजना को लेकर खिलाड़ी भी इंतजार कर रहे हैं, जबकि इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।
यह कहते हैं युवा
युवाओं में रिशभ शुक्ला, लक्ष्यवीर, राजन, सुरजीत सिंह, रॉकी, पंकज शर्मा, मंजीत सिंह, जसविंदर, सुभाष गुप्ता, महेंद्र वर्मा का कहना है कि स्पैट के बाद स्पीड ट्रायल अभी सिर्फ एक बार ही लिए गए हैं। लेकिन पता नहीं क्यों इसके ट्रायल अब नहीं लिए जा रहे हैं। यदि इस में कुछ खामियां मिलती भी हैं, तो उसे दूर कर इसे दोबारा मैदान में उतारा जाना चाहिए। खिलाड़ियों के लिए एक तरह से यह खेलों में आगे जाने का मौका है, जिस में उसका दमखम परखा जाता है। अब देखते हैं इस योजना को खेल विभाग शुरू करता है या नहीं।
विज्ञापन
अंबाला को रास नहीं आई योजना
स्पैट हो या फिर स्पीड के ट्रायल अंबाला के खिलाड़ियों को यह रास नहीं आई। अंबाला के हजारों खिलाड़ियों ने इस में भाग लिया, लेकिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस में काफी कमजोर रहा। जिला से करीब 35 खिलाड़ी ही स्पैट व स्पीड ट्रायल को क्लीयर कर पहले पांच हजार खिलाड़ियों में जगह बना पाए, जबकि पिछली बार तो सिर्फ सात ही खिलाड़ी इसे क्लीयर कर सके।
स्पीड ट्रायलों को लेकर अभी तक विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। यदि कोई इन ट्रायलों को लेकर निर्देश आते हैं, तो उस पर काम किया जाएगा। फिलहाल खेलों की बेहतरी के लिए सरकार पूरी तरह से जुटी है।
- अरुणकांत, डीएसओ अंबाला
विज्ञापन
यह है योजना को लेकर स्थिति
स्पीड ट्रायलों को लेकर पूरी तरह से असमंजस की स्थिति बनी हुई। खेल विभाग भी इस बारे में कुछ सटीक कहने से बच रहा है। बताया जा रहा है कि अभी इस को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। स्पीड के एक बार ट्रायल होने के बाद उम्मीद थी यह योजना जारी रहेगी, लेकिन एक ट्रायल के बाद ही इस पर ब्रेकलग गया है। अब यह योजना आगे जारी रहेगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। बताया जा रहा है कि खेल विभाग ने इस योजना को लेकर कोई दिशा निर्देश तक जारी नहीं किए हैं। योजना को लेकर खिलाड़ी भी इंतजार कर रहे हैं, जबकि इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।
विज्ञापन
यह कहते हैं युवा
युवाओं में रिशभ शुक्ला, लक्ष्यवीर, राजन, सुरजीत सिंह, रॉकी, पंकज शर्मा, मंजीत सिंह, जसविंदर, सुभाष गुप्ता, महेंद्र वर्मा का कहना है कि स्पैट के बाद स्पीड ट्रायल अभी सिर्फ एक बार ही लिए गए हैं। लेकिन पता नहीं क्यों इसके ट्रायल अब नहीं लिए जा रहे हैं। यदि इस में कुछ खामियां मिलती भी हैं, तो उसे दूर कर इसे दोबारा मैदान में उतारा जाना चाहिए। खिलाड़ियों के लिए एक तरह से यह खेलों में आगे जाने का मौका है, जिस में उसका दमखम परखा जाता है। अब देखते हैं इस योजना को खेल विभाग शुरू करता है या नहीं।
विज्ञापन
अंबाला को रास नहीं आई योजना
स्पैट हो या फिर स्पीड के ट्रायल अंबाला के खिलाड़ियों को यह रास नहीं आई। अंबाला के हजारों खिलाड़ियों ने इस में भाग लिया, लेकिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस में काफी कमजोर रहा। जिला से करीब 35 खिलाड़ी ही स्पैट व स्पीड ट्रायल को क्लीयर कर पहले पांच हजार खिलाड़ियों में जगह बना पाए, जबकि पिछली बार तो सिर्फ सात ही खिलाड़ी इसे क्लीयर कर सके।
स्पीड ट्रायलों को लेकर अभी तक विभाग की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। यदि कोई इन ट्रायलों को लेकर निर्देश आते हैं, तो उस पर काम किया जाएगा। फिलहाल खेलों की बेहतरी के लिए सरकार पूरी तरह से जुटी है।
- अरुणकांत, डीएसओ अंबाला