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Kurukshetra News: धीमे उठान ने बिगाड़ दिया भुगतान, मायूस किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Apr 2025 01:46 AM IST
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Slow lifting has spoiled the payment, disappointed farmers
कुरुक्षेत्र। जिले की अनाजमंडियों में धीमे उठान ने भुगतान व्यवस्था को भी बिगाड़ दिया है। किसान गेहूं खरीद के बाद कईं-कईं दिनों से भुगतान की इंतजार कर रहे हैं तो आढ़तियों के भी चक्कर काटने लगे हैं लेकिन उन्हें कोई स्टीक जानकारी तक नहीं मिल पा रही है।
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हालात यह है कि सोमवार तक 47 लाख 40 हजार 870 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है जबकि उठान महज 46 फीसदी 21 लाख 65 हजार 60 क्विंटल गेहूं का ही हो पाया है। ऐसे में भुगतान 259 करोड़ दो लाख 28 हजार 978 रुपये भी सोमवार देर शाम तक महज 11 लाख 42 हजार 427 क्विंटल गेहूं का हो सका है, जो खरीद की जा चुकी गेहूं से चार गुना कम है। भुगतान सीधे किसानों के खातों में आना है, जिसके चलते उन्हें कोई आढ़ती से लेकर अधिकारी तक कुछ बताने को तैयार नहीं है कि आखिर खरीद की जा चुकी गेहूं का भुगतान कब तक होगा।
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हालांकि सरकारी आदेशानुसार 48 घंटे में भुगतान होना है लेकिन यह समय अवधी उस समय ही मानी जाती है जब उठान होने के बाद संबंधित गोदाम तक गेहूं पहुंच जाता है लेकिन खरीद के कईं-कईं दिन होने के बावजूद भी उठान न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि सोमवार को देर शाम तक जिला की अनाजमंडियों में 25 लाख 75 हजार 810 क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे उठान की बाट जोहता रहा तो वहीं थानेसर सहित अनेक मंडियों में गेहूं के अंबार लग चुके हैँ। सोमवार को भी चार लाख 90 हजार 570 क्विंट गेहूं की खरीद की गई जबकि उठान दो लाख 78 हजार 530 क्विंटल हो पाया। ऐसे में भले ही गेहूं की आवक 90 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है लेकिन उठान अभी भी कईं दिनों तक नियंत्रण में आने की संभावना नहीं लग रही।
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इस बार एफसीआई को भेज सके महज 10 फीसदी गेहूं : जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सैनी का कहना है कि मंडियों में खरीद से लेकर उठान तक समुचित चल रहा है। उठान में कुछ परेशानी के पीछे इस बार एफसीआई से स्पेशल न मिलना बड़ा कारण रहा है। पिछले सीजन में स्पेशल लगी थी तो वहीं एफसीआई को 50 फीसदी गेहूं भेजी गई थी, जो इस बार महज 10 फीसदी तक सिमट गई। एफसीआई के गोदामों में जगह ही नहीं मिल पाई और ऐसे में संबंधित एजेंसियां अपने-अपने गोदामों में गेहूं का स्टॉक कर रही है। सीजन पीक पर है, इसलिए भी उठान धीमा लग रहा है।
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