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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Six injured in the clash of the two groups

दो गुटों की झड़प में छह घायल

Wed, 04 Jun 2014 12:04 AM IST
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Wed, 04 Jun 2014 12:04 AM IST
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इस्माईलाबाद। गांव बिजड़पुर में जोहड़ में मिट्टी डालने के लिए हुए विवाद में दो गुट आपस में भिड़ गए। इसमें दोनों गुटों के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें चार महिलाओं सहित छह व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए।
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एक गुट ने पुलिस पर भेदभाव पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बिजड़पुर निवासी राम कुमार पुत्र अजमेर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत की सहमति से गांव के निकट बने जोहड़ को मिट्टी से भरने का कार्य लगभग सभी गांववासी कर रहे थे।
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उस जगह पर अवैध कब्जा कर रहे एक ग्रामीण मेवा सिंह ने उनको मिट्टी भराई का कार्य रोकने की चेतावनी दी, लेकिन ग्राम पंचायत ने पंचायती जोहड़ में मिट्टी भराई का कार्य जारी रखा। इस पर मेवाराम ने कुछ बाहरी लोगों को बुलाकर जोहड़ में मिट्टी डाल रहे ग्रामीणों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें नीता पत्नी सुरेश, अमरो पत्नी संतराम, भगवती पत्नी जीतराम, मायादेवी पत्नी अजमेर और रामकुमार पुत्र अजमेर बुरी तरह घायल हो गए। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन उनकी सुध लेने कोई पुलिसकर्मी नहीं आया।
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उन्होंने बताया कि मेवाराम ने उनको ही चोटिल करने के बाद पुलिस को बुला लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर हुए हमले की बार बार सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं आई, लेकिन बाद में मेवाराम ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत कर दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और राजकुमार, कृष्ण, बलराम को उनके घर से उठाकर ले आई।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस बारे काफी संख्या में ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं मेवाराम ने बताया कि ये लोग उनके ऊपर बेबुनयाद आरोप लगा रहे हैं। इन लोगों ने ही उसके घर पर ईंटों से हमला किया।


इस बारे में थाना प्रबंधक सतीश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि इस तरह का मामला आया है। दोनों पक्षों की लड़ाई में मेवाराम ज्यादा चोटिल है।

दूसरे पक्ष ने उनको कोई सूचना नहीं दी थी। मेवाराम के फोन करने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की। ये लोग पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ऐसा आरोप लगा रहे हैं।
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