{"_id":"6a5aa3eb75e2356fbe00d0a4","slug":"six-foot-crocodile-caught-from-narkatari-drain-villagers-breathe-a-sigh-of-relief-kurukshetra-news-c-45-1-kur1011-157942-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: नरकातरी ड्रेन से छह फुट का मगरमच्छ पकड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: नरकातरी ड्रेन से छह फुट का मगरमच्छ पकड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Sat, 18 Jul 2026 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 18 Jul 2026 03:21 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। रेस्कूय किए गए मगरमच्छ के साथ गोताखोर प्रगट सिंह। स्वयं
कुरुक्षेत्र। गांव नरकातरी के समीप से गुजरने वाली ड्रेन में दिखाई दे रहे करीब छह फुट लंबे मगरमच्छ को शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित पकड़ लिया गया। करीब आधे घंटे तक चले अभियान के बाद गोताखोरों और वन्य जीव विभाग की टीम ने मगरमच्छ को काबू कर भौर सैंदा स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार पिछले चार दिनों से ड्रेन में मगरमच्छ दिखाई देने के कारण आसपास के किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। कई किसान अकेले खेतों में जाने से भी बच रहे थे। गांव के सरपंच अनिल कुमार ने मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दी। प्रारंभ में संदेह होने पर सरपंच ने मगरमच्छ की तस्वीर भेजी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के दौरान वन्य जीव विभाग के कर्मचारी कृष्ण और बलराम भी मौके पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने आबादी के निकट मौजूद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर विभाग के सुपुर्द कर दिया। विभाग की टीम उसे विशेष वाहन से भौर सैंदा स्थित प्रजनन केंद्र ले गई। मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली। क्षेत्र में इससे पहले भी एसवाईएल नहर और आसपास के जल स्रोतों में मगरमच्छ दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संवाद
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पिछले चार दिनों से ड्रेन में मगरमच्छ दिखाई देने के कारण आसपास के किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। कई किसान अकेले खेतों में जाने से भी बच रहे थे। गांव के सरपंच अनिल कुमार ने मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दी। प्रारंभ में संदेह होने पर सरपंच ने मगरमच्छ की तस्वीर भेजी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के दौरान वन्य जीव विभाग के कर्मचारी कृष्ण और बलराम भी मौके पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने आबादी के निकट मौजूद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर विभाग के सुपुर्द कर दिया। विभाग की टीम उसे विशेष वाहन से भौर सैंदा स्थित प्रजनन केंद्र ले गई। मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली। क्षेत्र में इससे पहले भी एसवाईएल नहर और आसपास के जल स्रोतों में मगरमच्छ दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संवाद
विज्ञापन