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निशुल्क बस यात्रा में बहनों के छूटे पसीने, हुई परेशानी
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हरियाणा सरकार ने रक्षा बंधन पर्व पर बहनों को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा का उपहार दिया हुआ है। सरकारी नियमों के अनुसार यह नियम निजी बसों पर भी लागू होता है। एक तरफ जहां रोडवेज की बसों में दोपहर 12 बजे के बाद जबरदस्त भीड़ नजर आई, वहीं बहनों को निशुल्क यात्रा उपलब्ध कराने से निजी बस चालक किनारा करते दिखाई दिए। इस दौरान महिलाओं के निशुल्क यात्रा के लिए पसीने छूट गए।
शनिवार को दोपहर 12 बजे जैसे ही बहनों के लिए बस यात्रा निशुल्क हुई रूट पर निजी बसों की संख्या कम होने लगी। इस मामले में नए बस अड्डा के प्रभारी ने तुरंत शिकायत यातायात प्रबंधन को सौंपी। यातायात प्रबंधक ने मामला ट्रेनिंग पर गए हुए रोडवेज प्रबंधक के संज्ञान में डालकर आरटीए को पत्र लिखा। जिस पर दोपहर करीब ढाई बजे आरटीए की गाड़ी बस अड्डा परिसर पहुंची और निजी बसों को बहनों को निशुल्क यात्रा के लिए रूटों पर चलवाया।
उधर, जो निजी बसें रूटों पर चल रही थी उनमें सफर कर रही बहनों से किराया भी वसूले जाने का मामला भी सामने आया। एक महिला यात्री ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ करनाल से आई है। करनाल से दोपहर 1 बजे के बाद वह एक निजी बस में कुरुक्षेत्र के लिए बैठी थी, लेकिन उन से 40-40 रुपये किराया वसूला गया। इसी प्रकार करनाल से पटियाला जा रही एक बुजुर्ग महिला ने भी निजी बस चालक पर किराया वसूलने का आरोप लगाया। इस प्रकार के कई मामले सामने अपने पर बस अड्डा परिसर में बार-बार घोषणा कराई गई कि आज निजी बस में भी बहनों से किराया नहीं लिया जाएगा। ऐसा किए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
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बस अड्डा इंचार्ज सतीश कालड़ा ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार रक्षाबंधन पर्व पर बहनों के लिए शनिवार को दोपहर 12 बजे बस सेवाएं निशुल्क करने के आदेश थे। जैसे ही 12 बजे रूटों से निजी बसों की संख्या कम होने लगी। बस ड्डे पर सुबह एक निजी बस बंद करके खड़ी कर दी गई थी। मामला जैसे ही आरटीए के पास पहुंचा तो उस बस को भी रूट पर भेजा गया। आरटीए की गाड़ी दोपहर ढाई बजे बस अड्डे पर आ गई, जिसके बाद जो भी निजी बसें अड्डा परिसर में खड़ी थीं, उन्हें रूट पर निकाला गया।
उधर, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र पांचाल व सचिव रणजीत सिंह का कहना है कि सरकारी कर्मचारी अपनी छुट्टियां रद्द करके अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन निजी बस चालक मनमर्जी से चल रहे हैं। लोगों को सुविधा देने की बात आती है तो ये किनारा कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को इस प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और बेहतर सुविधा मिल सके।
सभी निजी बसें अपने रूट पर चल रही हैं: जरनैल सिंह
हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ के जिला सचिव जरनैल सिंह का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। सभी निजी बसें अपने-अपने रूटों पर चल रही हैं। बल्कि रोडवेज की बसें ही सड़क पर बहुत कम नजर आ रही हैं। आज जब वह दोपहर 1 बजे कुरुक्षेत्र से पिहोवा आए तो उन्हें रास्ते में कोई भी रोडवेज की बस नजर नहीं आई। निजी बसों में भी बहनें निशुल्क यात्रा कर रही हैं।
आरटीओ को लिखा पत्र
जीएम रोडवेज फिलहाल ट्रेनिंग पर हैं। इसलिए उनका कामकाज रोडवेज टीएम शेर सिंह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी बस चालकों की शिकायत उनके पास आई है। उन्होंने कुछ जगह निरीक्षण भी किया। जीएम को फोन कर मामला उनके संज्ञान में डाल दिया गया है। वहीं एक पत्र आरटीए के नाम भी लिखा गया, क्योंकि निजी बसें आरटीए के अंतर्गत आती हैं, इसलिए कार्रवाई उनकी तरफ से ही होगी। आरटीए की गाड़ी दोपहर को अड्डा परिसर आई तो जो निजी बसें खड़ी थी, उन्हें रूट पर भिजवाया गया।
बॉक्स
रोडवेज यूनियन ने की कार्रवाई की मांग
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव सिंह मामू माजरा ने कहा कि निजी बसों के संचालक बसों को रूट पर ले जाने से कतरा रहे हैं, क्योंकि निशुल्क यात्रा से उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। यूनियन ने मांग करते हुए कहा कि आरटीए अपनी टीम तैनात करके निजी बसों के रूट चेक करवाए और जो बस निर्धारित समय पर अपना रूट तय नहीं कर रही। उसके खिलाफ जुर्माना या परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाए।
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शनिवार को दोपहर 12 बजे जैसे ही बहनों के लिए बस यात्रा निशुल्क हुई रूट पर निजी बसों की संख्या कम होने लगी। इस मामले में नए बस अड्डा के प्रभारी ने तुरंत शिकायत यातायात प्रबंधन को सौंपी। यातायात प्रबंधक ने मामला ट्रेनिंग पर गए हुए रोडवेज प्रबंधक के संज्ञान में डालकर आरटीए को पत्र लिखा। जिस पर दोपहर करीब ढाई बजे आरटीए की गाड़ी बस अड्डा परिसर पहुंची और निजी बसों को बहनों को निशुल्क यात्रा के लिए रूटों पर चलवाया।
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उधर, जो निजी बसें रूटों पर चल रही थी उनमें सफर कर रही बहनों से किराया भी वसूले जाने का मामला भी सामने आया। एक महिला यात्री ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ करनाल से आई है। करनाल से दोपहर 1 बजे के बाद वह एक निजी बस में कुरुक्षेत्र के लिए बैठी थी, लेकिन उन से 40-40 रुपये किराया वसूला गया। इसी प्रकार करनाल से पटियाला जा रही एक बुजुर्ग महिला ने भी निजी बस चालक पर किराया वसूलने का आरोप लगाया। इस प्रकार के कई मामले सामने अपने पर बस अड्डा परिसर में बार-बार घोषणा कराई गई कि आज निजी बस में भी बहनों से किराया नहीं लिया जाएगा। ऐसा किए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
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बस अड्डा इंचार्ज सतीश कालड़ा ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार रक्षाबंधन पर्व पर बहनों के लिए शनिवार को दोपहर 12 बजे बस सेवाएं निशुल्क करने के आदेश थे। जैसे ही 12 बजे रूटों से निजी बसों की संख्या कम होने लगी। बस ड्डे पर सुबह एक निजी बस बंद करके खड़ी कर दी गई थी। मामला जैसे ही आरटीए के पास पहुंचा तो उस बस को भी रूट पर भेजा गया। आरटीए की गाड़ी दोपहर ढाई बजे बस अड्डे पर आ गई, जिसके बाद जो भी निजी बसें अड्डा परिसर में खड़ी थीं, उन्हें रूट पर निकाला गया।
उधर, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र पांचाल व सचिव रणजीत सिंह का कहना है कि सरकारी कर्मचारी अपनी छुट्टियां रद्द करके अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन निजी बस चालक मनमर्जी से चल रहे हैं। लोगों को सुविधा देने की बात आती है तो ये किनारा कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि लोगों को इस प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और बेहतर सुविधा मिल सके।
सभी निजी बसें अपने रूट पर चल रही हैं: जरनैल सिंह
हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ के जिला सचिव जरनैल सिंह का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। सभी निजी बसें अपने-अपने रूटों पर चल रही हैं। बल्कि रोडवेज की बसें ही सड़क पर बहुत कम नजर आ रही हैं। आज जब वह दोपहर 1 बजे कुरुक्षेत्र से पिहोवा आए तो उन्हें रास्ते में कोई भी रोडवेज की बस नजर नहीं आई। निजी बसों में भी बहनें निशुल्क यात्रा कर रही हैं।
आरटीओ को लिखा पत्र
जीएम रोडवेज फिलहाल ट्रेनिंग पर हैं। इसलिए उनका कामकाज रोडवेज टीएम शेर सिंह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी बस चालकों की शिकायत उनके पास आई है। उन्होंने कुछ जगह निरीक्षण भी किया। जीएम को फोन कर मामला उनके संज्ञान में डाल दिया गया है। वहीं एक पत्र आरटीए के नाम भी लिखा गया, क्योंकि निजी बसें आरटीए के अंतर्गत आती हैं, इसलिए कार्रवाई उनकी तरफ से ही होगी। आरटीए की गाड़ी दोपहर को अड्डा परिसर आई तो जो निजी बसें खड़ी थी, उन्हें रूट पर भिजवाया गया।
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रोडवेज यूनियन ने की कार्रवाई की मांग
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव सिंह मामू माजरा ने कहा कि निजी बसों के संचालक बसों को रूट पर ले जाने से कतरा रहे हैं, क्योंकि निशुल्क यात्रा से उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। यूनियन ने मांग करते हुए कहा कि आरटीए अपनी टीम तैनात करके निजी बसों के रूट चेक करवाए और जो बस निर्धारित समय पर अपना रूट तय नहीं कर रही। उसके खिलाफ जुर्माना या परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाए।