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धार्मिक चिह्न पहन कर परीक्षा देने से रोकने के आदेश पर सिख समाज में रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 01:35 AM IST
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Sikh society on order to stop taking examination by wearing religious symbol
फोधार्मिक चिह्न पहन कर परीक्षा देने से रोकने के फैसले से सिख समाज में गहरा रोष है। इस आदेश को सिख समाज उनके खिलाफ सरकार का षड्यंत्र बताकर उन्हें दबाने का आरोप लगा रहा है। दरअसल, समाज आरोप लगा रहा है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग पंचकूला की ओर से 12 सितंबर को होने वाली परीक्षा में सिख परीक्षार्थियों के कड़ा और श्री साहिब (छोटी कृपाण) पहन कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
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इसे लेकर सोमवार को शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रदेश प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में पत्रकार वार्ता की। अजराना ने कहा कि सिखों द्वारा अपने धार्मिक चिह्न पहन कर कोई भी परीक्षा देने के संबंध में आरटीआई का जवाब देते हुए हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि महिलाएं मंगलसूत्र और सिख परीक्षार्थी कड़ा और श्री साहिब पहन कर परीक्षा दे सकता है। इसके बावजूद सरकारी अधिकारियों द्वारा एक आदेश जारी करते हुए 12 सितंबर को होने वाली परीक्षा में कोई भी सिख परीक्षार्थी कड़ा और श्री साहिब पहन कर सेंटर में प्रवेश नहीं करने के आदेश पारित किए हैं।
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उन्होंने कहा कि सिख कौम ने देश सेवा करते हुए कुर्बानियां दी हैं, लेकिन सरकार के षड्यंत्र के चलते सिखों को दूसरे दर्जे का शहरी माना जा रहा है। वहीं एसजीपीसी धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य जत्थेदार तजिंद्र पाल सिंह ने कहा कि प्रदेश के सीएम मनोहर लाल सिख इतिहास से परिचित हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों द्वारा 12 सितंबर की परीक्षा में कड़ा और श्री साहिब पहन कर जाने पर प्रतिबंध लगाकर निंदा जनक कदम उठाया है।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन आदेशों को वापस नहीं लिया, तो सिख कौम कड़ा कदम उठाने पर विवश होगी। सिख परीक्षार्थियों पर मानसिक दबाव बनाने के लिए यह आदेश पारित किए गए हैं, जिसे कभी सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर ज्ञानी मंगप्रीत सिंह जसबीर सिंह, तजिंद्र सिंह मक्कड़, अमरिंद्र सिंह, प्रताप सिंह, हरकीरत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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