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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर तट पर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा श्रीकृष्ण अर्जुन रथ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2024 04:32 AM IST
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Shri Krishna Arjun Rath will become a center of attraction for tourists on the banks of Brahmasarovar.
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम पुरा सि्थत श्रीकृष्णअर्जुन रथ। संवाद
सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर पुरुषोत्तमपुरा बाग स्थित श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ अब पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बनेगा। रथ के साथ सेल्फी लेने वाले पयर्टक अब इसकी पूरी महत्ता से भी रूबरू हो सकेंगे। रथ के पहिये से लेकर घोड़े व अन्य भाग का वर्णन उन्हें यहां पढ़ने को भी मिल सकेगा। यहां तक कि स्कैनर से स्कैन करते ही हर पर्यटक के मोबाइल पर भी पूरा वर्णन होगा। अत्याधुनिक तकनीक से लैस खास गैलरी बनाई जाएगी, जिसकी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने योजना तैयार कर ली है। चुनाव आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि श्रीकृष्ण अर्जुन रथ को स्थापित किए जाने के 15 साल बाद पहली बार गत वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से पहले सुनहरा रूप मिला था। श्रीकृष्ण-अर्जुन के मुकुट, वस्त्र, घोड़ों के वस्त्र, रथ के पहियों को भी सुनहरा रूप दिया गया था। हालांकि स्थापना के उपरांत करीब चार वर्ष पहले भी पेंट किया गया, लेकिन यह कॉपर कलर ही था। यह रथ धर्मनगरी की विशेष पहचान बना हुआ है। यहां आने वाला हर पर्यटक रथ को देखने पहुंचता है तो वहीं यह बड़ा सेल्फी प्वाइंट भी बन चुका है। अनेक वर्षों तक लोग रथ के साथ लिए चित्रों को संजोकर रखते हैं। इसी रथ के पास ही हवन यज्ञ के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ किया जाता है तो वहीं यहां आने वाले वीवीआईपी सामूहिक फोटो भी खिंचवाते रहे हैं।
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35 फुट ऊंचा है कांस्य धातु से बना रथ
महाभारत युद्ध के दौरान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता उपदेश देने के दौरान की रथ की यह प्रतिमा कांस्य धातु से बनी हुई है, जो 35 फुट ऊंची है। इसका वजन 45 टन है। इसे बनाने में दो करोड़ रुपये खर्च हुए थे। रथ के ऊपरी भाग पर हनुमान जी विराजमान हैं। इस मूर्ति में शैव्य, सुग्रीव, मेघवाहन और पुष्कर नामक चार घोड़ों द्वारा खींचे जा रहे रथ को दर्शाया गया है। रथ को देखते ही हर पर्यटक गदगद हो उठता है।
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रथ की महत्ता से पर्यटकों को कराएंगे रूबरू : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महाभारत में रथ पर पूरा अध्याय है, जिसमें हर भाग का विवरण है। गैलरी में रथ के हर भाग की विशेषताओं के साथ-साथ महाभारत के बाद रथ का क्या हुआ, यह भी पर्यटकों को बताया जाएगा। स्कैनर भी होगा, जिसे स्कैन करते ही पूरी जानकारी पर्यटक के मोबाइल में होगी। आचार संहिता समाप्त होते ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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