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शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर जुर्माने पर रोक
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 12 May 2014 11:53 PM IST
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कुरुक्षेत्र। शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों से वसूले जा रहे जुर्माना पर कुलपति ने रोक लगा दी है।
कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने जनसंचार और मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. एसएस बूरा को बुलाकर उन्हें 75 प्रतिशत से अधिक अटेंडेंस वाले विद्यार्थियों से जुर्माना नहीं लेने के निर्देश दिए। इस बारे में डॉ. एसएस बूरा ने वीसी कार्यालय में खडे़ विद्यार्थियों को इस बारे में सूचित किया।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जनसंचार और मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर विद्यार्थियों से प्रति लेक्चर पांच रुपये बतौर जुर्माना लिए जा रहे थे। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाते हुए विद्यार्थियों से हो रही इसे माईसिटी में 12 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद केयू प्रशासन की नींद टूटी और कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने उपरोक्त संस्थान के निदेशक को अपने कार्यालय में बुलाकर इस बारे में जानकारी हासिल की।
इसके बाद कुलपति ने डॉ. एसएस बूरा को निर्देश दिए कि 75 प्रतिशत से अधिक अटेंडेंस वाले विद्यार्थियों से जुर्माना न वसूला जाए, क्योंकि ये यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। इसके बाद संस्थान के निदेशक कुलपति कार्यालय पहुंचे विद्यार्थियों से मिले और उन्हें जुर्माना न लिए जाने के बारे में बताया।
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गौरतलब है कि विद्यार्थियों से वसूले जा रहे इस जुर्माने के बारे में कुछ विद्यार्थी सोमवार को कुलपति कार्यालय पहुंचे थे, जिससे कि वीसी को इस बारे में बताकर उन्हें यूजीसी नियमों की अनुपालना न होने से अवगत कराया जा सके।
वहीं एसएफआई का एक प्रतिनिधिमंडल भी कुलपति से इसी मामले को लेकर मिला, जिसके बाद वीसी डॉ. संधू ने संस्थान के निदेशक को बुलाकर जुर्माना न लेने के निर्देश दिए।
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कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने जनसंचार और मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक डॉ. एसएस बूरा को बुलाकर उन्हें 75 प्रतिशत से अधिक अटेंडेंस वाले विद्यार्थियों से जुर्माना नहीं लेने के निर्देश दिए। इस बारे में डॉ. एसएस बूरा ने वीसी कार्यालय में खडे़ विद्यार्थियों को इस बारे में सूचित किया।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जनसंचार और मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान में शॉर्ट अटेंडेंस के नाम पर विद्यार्थियों से प्रति लेक्चर पांच रुपये बतौर जुर्माना लिए जा रहे थे। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाते हुए विद्यार्थियों से हो रही इसे माईसिटी में 12 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
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इसके बाद केयू प्रशासन की नींद टूटी और कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने उपरोक्त संस्थान के निदेशक को अपने कार्यालय में बुलाकर इस बारे में जानकारी हासिल की।
इसके बाद कुलपति ने डॉ. एसएस बूरा को निर्देश दिए कि 75 प्रतिशत से अधिक अटेंडेंस वाले विद्यार्थियों से जुर्माना न वसूला जाए, क्योंकि ये यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। इसके बाद संस्थान के निदेशक कुलपति कार्यालय पहुंचे विद्यार्थियों से मिले और उन्हें जुर्माना न लिए जाने के बारे में बताया।
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गौरतलब है कि विद्यार्थियों से वसूले जा रहे इस जुर्माने के बारे में कुछ विद्यार्थी सोमवार को कुलपति कार्यालय पहुंचे थे, जिससे कि वीसी को इस बारे में बताकर उन्हें यूजीसी नियमों की अनुपालना न होने से अवगत कराया जा सके।
वहीं एसएफआई का एक प्रतिनिधिमंडल भी कुलपति से इसी मामले को लेकर मिला, जिसके बाद वीसी डॉ. संधू ने संस्थान के निदेशक को बुलाकर जुर्माना न लेने के निर्देश दिए।