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शनिचरी अमावस्या: श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मसरोवर में किया स्नान, पितरों की आत्मशांति की प्रार्थना की
Sat, 10 Oct 2026 12:19 PM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:19 PM IST
सार
शनिचरी अमावस्या के चलते ब्रह्मसरोवर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद धार्मिक अनुष्ठान किए और पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान किया।
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पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आस्था का सैलाब
- फोटो : संवाद
विस्तार
श्राद्ध पक्ष की शनिचरी अमावस्या पर शनिवार को धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। तड़के से ही सरोवर पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्मसरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और विधि-विधान से पिंडदान कर पितरों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य भी किया। दिन भर मेले जैसा माहौल बना रहा।
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शनिचरी अमावस्या के चलते ब्रह्मसरोवर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद धार्मिक अनुष्ठान किए और पितरों के निमित्त तर्पण व पिंडदान किया। मान्यता के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में पितरों के निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर पहुंचे।
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धान के ढेरों से श्रद्धालु परेशान
एक ओर ब्रह्मसरोवर पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सरोवर के बाहर चारों ओर जगह-जगह लगे धान के ढेरों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। धान के ढेरों के चलते श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतें आईं। धार्मिक अवसर पर उमड़ी भीड़ के बीच इस अव्यवस्था ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। न वाहनों की पार्किंग की जगह मिल पाई न ही शौचालयों की सुविधा ही समुचित रूप से मिली। इससे श्रद्वालुओं में कड़ा रोष भी दिखाई दिया।
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