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शाहाबाद की राशि और दीपांशु यूक्रेन में फंसे
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राशि भाटिया।
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। क्षेत्र का एक युवक व युवती भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। दोनों के परिजन उनके सकुशल लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने की मांग की है।
अध्यापक राजकुमार भाटिया की बेटी राशि भाटिया और अध्यापक शेर सिंह का बेटा दीपांशु बांगर यूक्रेन में हैं। राजकुमार भाटिया, शेर सिंह व अवशीष शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार से यही मांग है कि जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था की जाए। राशि भाटिया के पिता राजकुमार भाटिया ने कहा कि राशि 1 दिसंबर 2021 को एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गई थी। वहीं शेर सिंह ने बताया कि उनका बेटा दीपांशु 29 नवंबर 2021 को एमबीबीएस के लिए यूक्रेन गया था। उन दोनों पढ़ाई अच्छी चल रही थी, लेकिन युद्ध के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। राजकुमार भाटिया ने कहा कि बच्चों को लेकर वह काफी डरे तो हैं लेकिन दिन में तीन-चार बार बच्चों से बातचीत हो जाती है।
वहीं राशि भाटिया ने वीडियो कॉल पर कहा कि वह धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की बेटी है, इसलिए वह युद्ध से भयभीत नहीं है। यूक्रेन में बमबारी हो रही है और आकाश हवाई जहाजों व धमाकों से गूंज रहा है, उन्हें घरों की बजाए बंकरों में रखा गया है। बताया कि छात्रों को बॉर्डर पार कराकर हंगरी व पोलैंड भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि वे भी जल्द ही बॉर्डर पार कर पोलैंड या हंगरी पहुंच जाएंगे। जहां वह हैं, वहां से पोलैंड की दूरी मात्र 70 किलोमीटर है। उन्हें सड़क के रास्ते बस से पोलैंड ले जाया जाएगा, जिसमें मात्र 40 मिनट लगेंगे। फिलहाल भारतीय दूतावास की तरफ से उन्हें कोई संदेश नहीं मिला है।
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शाहाबाद। क्षेत्र का एक युवक व युवती भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। दोनों के परिजन उनके सकुशल लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने की मांग की है।
अध्यापक राजकुमार भाटिया की बेटी राशि भाटिया और अध्यापक शेर सिंह का बेटा दीपांशु बांगर यूक्रेन में हैं। राजकुमार भाटिया, शेर सिंह व अवशीष शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार से यही मांग है कि जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था की जाए। राशि भाटिया के पिता राजकुमार भाटिया ने कहा कि राशि 1 दिसंबर 2021 को एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गई थी। वहीं शेर सिंह ने बताया कि उनका बेटा दीपांशु 29 नवंबर 2021 को एमबीबीएस के लिए यूक्रेन गया था। उन दोनों पढ़ाई अच्छी चल रही थी, लेकिन युद्ध के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। राजकुमार भाटिया ने कहा कि बच्चों को लेकर वह काफी डरे तो हैं लेकिन दिन में तीन-चार बार बच्चों से बातचीत हो जाती है।
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वहीं राशि भाटिया ने वीडियो कॉल पर कहा कि वह धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की बेटी है, इसलिए वह युद्ध से भयभीत नहीं है। यूक्रेन में बमबारी हो रही है और आकाश हवाई जहाजों व धमाकों से गूंज रहा है, उन्हें घरों की बजाए बंकरों में रखा गया है। बताया कि छात्रों को बॉर्डर पार कराकर हंगरी व पोलैंड भेजने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि वे भी जल्द ही बॉर्डर पार कर पोलैंड या हंगरी पहुंच जाएंगे। जहां वह हैं, वहां से पोलैंड की दूरी मात्र 70 किलोमीटर है। उन्हें सड़क के रास्ते बस से पोलैंड ले जाया जाएगा, जिसमें मात्र 40 मिनट लगेंगे। फिलहाल भारतीय दूतावास की तरफ से उन्हें कोई संदेश नहीं मिला है।

दीपांशु बांगर।- फोटो : Kurukshetra
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