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हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान आज भी एसजीपीसी के अधीन : मक्कड़

Fri, 18 Jul 2014 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 18 Jul 2014 12:17 AM IST
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SGPC in Haryana Gurdwara still under Sahibaan: makkad
एसजीपीसी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान आज भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के अधीन हैं।
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हरियाणा सरकार अगर जबरदस्ती करेगी तो फिर वे अगली रणनीति तैयार करेंगे। उन्होंने सीएम हुड्डा को चेतावनी देते हुए कहा कि वे यह नहीं जानते कि सिख गुरुद्वारा साहिबान के लिए क्या कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि 1984 में जब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्रीअमृतसर का गठन हुआ, तो उस समय चले आंदोलन में हजारों सिखों ने कुर्बानियां दी थी।

यहां तक कि पं. जवाहर नेहरू भी आंदोलन के दौरान जेल गए थे। कमेटी बनने पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि यह आजादी की पहली जीत है।

वे वीरवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में प्रेसवार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एसजीपीसी अंतर्राज्यीय अधिनियम के तहत कार्य कर रही है, जिसके अंदर कोई भी प्रदेश सरकार दखल नहीं कर सकती।
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कोई भी कानून केंद्र सरकार की स्वीकृति के बिना पारित नहीं किया जा सकता। इसलिए वे मामले को लेकर केंद्र सरकार के पास गए हैं।

एक जवाब में उन्होंने कहा कि श्रीअकाल तख्त साहिब से जारी हुक्मनामे के बाद हरियाणा के वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा, जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी को सिख पंथ से निष्कासित किया है इसलिए कोई भी सिख अब उनके साथ राजनीतिक, धार्मिक अथवा सामाजिक नाता नहीं रखेगा।

इस बारे में हरियाणा वासियों को जागरूक करने के लिए उन्होंने सभी जिलों का दौरा शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि श्रीअकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार प्रो. दर्शन सिंह के खिलाफ भी श्रीअकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी हुआ था, जिस कारण अब देश-विदेश में कोई सिख उनसे नाता नहीं रखता।

एक अन्य प्रशभन के जवाब में उन्होंने कहा कि यह फैसला 5 तख्त साहिबान के जत्थेदारों ने सर्वसम्मति से लिया है। अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा निष्कासन को वापस लेने अथवा इस पर पुर्नविचार संबंधी मांग पर उन्होंने कहा कि क्या हुड्डा सरकार हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संबंधी बिल वापस लेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार कभी भी सिखों की हितैषी नहीं रही। अगर हुड्डा सरकार सिख हितैषी होती, तो मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज को एनओसी प्रदान करती और अब तक हरियाणा के सैकड़ों बच्चे डॉक्टर बन गए होते।


इस अवसर पर एसजीपीसी के वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह, मेंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना, जत्थेदार करनैल सिंह पंजौली, पूर्व मेंबर बीबी करतार कौर व अमरजीत सिंह मंगी, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रधान शरणजीत सिंह सौथा, वरिष्ठ उपप्रधान तजिंदर पाल सिंह ढिल्लो, सुखदेव सिंह, मंगप्रीत सिंह, जगीर सिंह, मनजीत सिंह, सुखवंत सिंह, बीबी अमरजीत कौर, बलबीर सिंह, दिलबाग सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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