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रैंप पर मॉडल्स ने बिखेरा जलवा
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
Updated Mon, 30 May 2016 12:28 AM IST
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रैंप
- फोटो : अमर उजाला
फैशन का है जलवा...आदि फिल्मी गीतों पर मॉडल्स ने आकर्षक पोशाकों में रैंप पर वॉक कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मौका था आईएनआईएफडी की ओर से सरहिंद क्लब के सभागार में आयोजित द फैशन फोरेस्ट डिजाइनर ड्रेस नामक फैशन शो का। इसमें छात्राओं ने अपने से तैयार किए पोशाकों को प्रदर्शित किया। फैशन शो में दौरान आईएनएफडी सेंटर हेड वंदना कोछड़, फैशन आर्ट डायरेक्टर हेमंत मेहता और समन्वयक शालिनी मेहता ने अहम भूमिका निभाई।
इस अवसर पर चंडीगढ़ और दिल्ली से आई प्रोफेशनल मॉडल ने भाग लिया और छात्रों की बनाई डिजाइनर पोशाक को पहनकर रैंपवॉक किया। इस फैशन शो को शुरुआत में पांच थीम में बांटा गया था और उसी के तहत छात्रों ने अपनी जलवा बिखेरा। उसके बाद पहला राउंड ट्राइबल पैराडाइस पर आधारित था। इसमें आदिवासी समूहों से प्रेरित वेस्टर्न ड्रेस तैयार की गई थी और इसमें सुनैना का बनाया ट्राइबल कलर मुख्य आर्कषण का केंद्रा रहा।
जबकि दूसरा राउंड खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर फ्लावर चाइल्ड था। इसमें नन्हे मुन्ने बच्चों ने फूलों से सजी पोशाकों में शामिल होकर रैंपवॉक किया। इसमें एमएससी और बीएससी की छात्राओं की तैयार की गई ड्रेस बेहतरीन रही। वहीं, तीसरे राउंड में भारतीय बंधेज को छात्रों ने आकर्षक स्टाइल में प्रस्तुत किया और जिसे श्रोताओं ने खूब पसंद किया।
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चौथे राउंड में नन्ही मुन्नी बच्चियों को लहंगा चोली में रैंप पर भेजा गया और उन्होंने अपने खास अंदाज से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। पांचवें राउंड में पूर्व छात्र आशिमा प्रभाकर ने अपनी पोशाक को प्रस्तुत किया। आईएनआईएफडी संचालक वंदना कोछड़ ने बताया कि फैशन शो के दौरान पहने वाली पोशाकों को तैयार करने के लिए 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू हो गई थी। अंत में निर्णायक मंडल में शामिल मॉडल्स ने छात्रों का चयन किया और उन्हें बधाई दी।
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मौका था आईएनआईएफडी की ओर से सरहिंद क्लब के सभागार में आयोजित द फैशन फोरेस्ट डिजाइनर ड्रेस नामक फैशन शो का। इसमें छात्राओं ने अपने से तैयार किए पोशाकों को प्रदर्शित किया। फैशन शो में दौरान आईएनएफडी सेंटर हेड वंदना कोछड़, फैशन आर्ट डायरेक्टर हेमंत मेहता और समन्वयक शालिनी मेहता ने अहम भूमिका निभाई।
इस अवसर पर चंडीगढ़ और दिल्ली से आई प्रोफेशनल मॉडल ने भाग लिया और छात्रों की बनाई डिजाइनर पोशाक को पहनकर रैंपवॉक किया। इस फैशन शो को शुरुआत में पांच थीम में बांटा गया था और उसी के तहत छात्रों ने अपनी जलवा बिखेरा। उसके बाद पहला राउंड ट्राइबल पैराडाइस पर आधारित था। इसमें आदिवासी समूहों से प्रेरित वेस्टर्न ड्रेस तैयार की गई थी और इसमें सुनैना का बनाया ट्राइबल कलर मुख्य आर्कषण का केंद्रा रहा।
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जबकि दूसरा राउंड खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर फ्लावर चाइल्ड था। इसमें नन्हे मुन्ने बच्चों ने फूलों से सजी पोशाकों में शामिल होकर रैंपवॉक किया। इसमें एमएससी और बीएससी की छात्राओं की तैयार की गई ड्रेस बेहतरीन रही। वहीं, तीसरे राउंड में भारतीय बंधेज को छात्रों ने आकर्षक स्टाइल में प्रस्तुत किया और जिसे श्रोताओं ने खूब पसंद किया।
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चौथे राउंड में नन्ही मुन्नी बच्चियों को लहंगा चोली में रैंप पर भेजा गया और उन्होंने अपने खास अंदाज से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। पांचवें राउंड में पूर्व छात्र आशिमा प्रभाकर ने अपनी पोशाक को प्रस्तुत किया। आईएनआईएफडी संचालक वंदना कोछड़ ने बताया कि फैशन शो के दौरान पहने वाली पोशाकों को तैयार करने के लिए 15 दिन पहले ही तैयारियां शुरू हो गई थी। अंत में निर्णायक मंडल में शामिल मॉडल्स ने छात्रों का चयन किया और उन्हें बधाई दी।