डीसी मैडम एक बार हमारे स्कूल के बाहर भी मुआयना कर लो...
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डीसी मैडम, अगर समय हो तो एक बार राजकीय गर्ल्स स्कूल के बाहर का मुआयना कर लो? इसके बाद न केवल दावों की पोल खुलेगी, बल्कि यहां रोजाना उक्त स्कूल की लड़कियां किन हालात का सामना करती हैं, उसका भी पता लग सकेगा। गौरतलब है कि सरकार ने एक दिन पहले ही कुरुक्षेत्र जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को शौच मुक्त स्वच्छ जिला घोषित किया है। हालांकि कुरुक्षेत्र जिला के ग्रामीण तो दूर अभी शहर के पॉश इलाके तक मलमूत्र से मुक्त नहीं हो सके। उलटा आज भी यहां गंदगी और मलमूत्र से सराबोर दुर्गंध का वातावरण साफ दिखाई देता है। प्रशासन को यह हालात क्यों नहीं दिखते? यह सवाल थानेसर के दो शिफ्ट में लगने वाले राजकीय कन्या विद्यालय की छात्राओं के अलावा स्कूल स्टाफ भी पूछ रहा है।
एक महिला शिक्षिका ने बताया कि स्कूल ने गेट पर साफ लिखा है कि आप सीसीटीवी कैमरे की नजर में हैं, लेकिन स्कूल के गेट के ठीक सामने दिन भर अनगिनत मलमूत्र करने वाले देखे जा सकते हैं। शिक्षिका ने हैरानी जताई कि जहां अभी सेक्टर-17 जैसी मार्केट में ई टायलेट की सुविधा नहीं है, वहीं स्कूल के पीछे सड़क पर कब्जा करके बैठे लोगों के लिये यहां ई टायलेट बनाए गए हैं, ताकि वातावरण को गंदा ना हो। मगर एक रुपया बचाने के चक्कर में अधिकांश लोग ई टायलेट का इस्तेमाल ना करके स्कूल के गेट के ठीक सामने ही गंदगी फैला रहे हैं, जबकि स्कूल की खिड़कियां उसी ओर हैं अब ऐसे में स्कूल में कार्यरत महिला स्टाफ और पढ़ने वाली बच्चियां किस हालात से प्रतिदिन गुजरती होंगी, इसका अंदाजा अब तक प्रशासन और सरकार को नहीं है। यही हालात सेक्टर-17 में खुले में मूत्र करने वालों के हैं। सेक्टर-17 एलआईसी रोड पर स्थित अपने आफिस के सामने इन हालात पर एडवोकेट पृथ्वी नाथ गौतम ने गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ग्रामीणांचल तक टायलेट की सुविधाएं दे रही है, जबकि सेक्टर-17 जैसे प्राइम इलाके में अब तक टायलेट की सुविधा नहीं है।
वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
सेक्टर-17 मार्केट वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राजेश्वर गोयल ने माना कि सेक्टर में टायलेट की सुविधा न होने से लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में खुले में मलमूत्र जैसे हालात लाजिमी है। उनके मुताबिक प्रशासन ने अब टायलेट के लिए छह लाख रुपये मंजूर किए हैं। हालांकि उन्होंने सेक्टर में ई टायलेट लगवाने की डिमांड प्रशासन को भेजी हुई है।
खुले में जा रहे लोग, कई स्थानों पर शौचालय की हालत बदतर
पिहोवा में खुले में शौच मुक्त करने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर मुहिम चला रही है। इतनी कसरत और दावों के बाद यह घोषणा जमीनी हकीकत से काफी दूर हैं। मेन बाजार के दुकानदारों ने बताया कि मेन बाजार में कोई भी शौचालय नहीं हैं। मार्केट में शौचालय ना होने के कारण उन्हें लघुशंका व शौच के लिए घर जाना पड़ता है। वहीं मेन बाजार स्थित सब्जी मंडी में भी कोई शौचालय नहीं है। वहां दुकानदारों- दिहाड़ी करने वाले नौकर मजबूरन खुलें में ही जाने तो विवश होते हैं। इधर गुरुद्वारा रोड पर केवल एक शौचालय है। दुकानदारों के मुताबिक यहां शौचालय में महीनों तक सफाई नहीं होती। वार्ड 12 में बीएसएन स्कूल के पीछे बना सुलभ शौचालय वहां लोगों के लिए मुसीबत बन चुका हैं। निर्माण के बाद से आज तक इस शौचालय की किसी ने सुध नहीं ली। मौजूदा समय इस शौचालय की हालत बद से बदतर है। परेशान लोग यह शौचालय को बंद करने की मांग कर रहे हैं।
पीने के पानी व यात्रियों के बैठने तक की कोई सुविधा नहीं
इस्माईलाबाद। कस्बे के मेन बाजार, पुराने बाजार व बस स्टैंड पर शौचालय की व्यवस्था न होने से यात्रियों, बाजार में आने वाली महिलाओं व खासकर महिला यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिला यात्री निर्मला देवी, बिमला, कमलेश, कृष्णा आदि ने बताया कि बस स्टैंड पर शौचालय तो दूर की बात पीने के पानी व यात्रियों के बैठने तक की कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग कि कम से कम सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय व पीने के पानी की सुविधा मुहिया करवाई जाए ताकि महिला यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
लाडवा में अभी लोग कर रहे हैं खुले में शौच
लाडवा में खुले में शौच करने वाले लोगों की संख्या में भले काफी कमी आई है, लेकिन अभी भी बड़ी तादाद में लोग खुले में शौच कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने झुग्गी-झोपड़ी व कई मलीन बस्तियों में या तो पक्के शौचालय बनवाए हैं या मोबाइल शौचालयों का प्रबंध किया है। इसके बावजूद लोग जागरूकता के अभाव में इन शौचालयों का प्रयोग करने के बजाय बस्तियों के आसपास खुले स्थानों, खेतों या सरकारी गोदामों में शौच कर रहे हैं। लाडवा में पालिका बाजार, अग्रसेन चौक, पुराने डाकखाने के पास व वीआईपी कालोनी चौक के पास नगरपालिका ने शौचालय बनवा रखे हैं। इसके अतिरिक्त नपा ने कुछ ही दिन पहले दस-दस शौचालयों वाली चार मोबाइल टायलेट वैन वार्ड सात झांगी बस्ती, बस स्टैंड के पीछे व बाबैन रोड पर स्टेडियम के पास की बस्तियों व एक वार्ड चार में लगवाई हैं। इनमें से वार्ड चार की टायलेट वैन को लोगों के एतराज के बाद इन दिनों अनाजमंडी में खड़ा किया गया है। इन शौचालयों में से कई तो बंद पडे़ रहते हैं जबकि कुछ शौचालय देर-सवेर खोले जाते हैं। वीआईपी कालोनी चौक पर महिलाओं के लिए बने शौचालय पर ताला लटका रहता है तो अग्रसेन चौक पर बने शौचालय के बाहर आसपास के दुकानदारों व खोखे वालों ने शौचालय के रास्ते को इतना ढक रखा है कि वहां शौचालय के होने का पता ही नहीं चलता।
डीसी ने कहा सख्ती से होगी कार्रवाई
डीसी सुमेधा कटारिया से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि थानेसर के कन्या विद्यालय के बाहर हालात से निपटने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों को पहले भी सख्त निर्देश दिये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को नगर परिषद के अधिकारियों को सख्त निर्देश देंगी, ताकि स्कूल के गेट के सामने जो हालात है, उसमें सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन संकल्पबद्ध है। यह मुहिम लोगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए ही चलाई जा रही है।