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सरस्वती सर्वश्रेष्ठ सभ्यताओं की जननी : इंद्रेश
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:31 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने
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कहा कि सरस्वती नदी विश्व की प्रेरणा और सर्वश्रेष्ठ सभ्यताओं की जननी
मानी जाती है।
इस पवित्र नदी के किनारे ही वेदों, ग्रंथों की रचना की गई। कलयुग में सरस्वती नदी के केवल आचमन मात्र से मुक्ति का मार्ग मिलेगा। आरएसएस राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार रविवार को सुबह पिपली में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से सरस्वती की धारा को धरा पर प्रवाहित करने के कार्य के शुभारंभ पर बोल रहे थे।
इससे पूर्व आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार, महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरी, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, बोर्ड के सीईओ आईएएस अधिकारी विजयेंद्र कुमार, डीसी सीजी रजिनिकांतन ने संयुक्त रूप से नए ट्यूबवेल का बटन दबाकर और नारियल तोड़कर शुभारंभ किया।
इसके बाद सरस्वती नदी की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने पत्रकारों से कहा कि सरस्वती नदी पूरे विश्व के लिए मंगलकारी है। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पवित्र ग्रंथ गीता और सरस्वती का एक सुंदर योग है। सदियों से ही सरस्वती नदी पवित्रता का प्रतीक रही है।
सरस्वती नदी को फिर से धरा पर लाने के लिए शोध कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस मौके पर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आत्म प्रकाश मनचंद, भाजपा के जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच, युधिष्ठिर बहल, डॉ.शकुंतला, बीड़ पिपली के निर्वतमान सरपंच राजेश सैनी, विनीत बजाज, विनीत क्वात्रा, सुभाष नरूला, रविंद्र सांगवान, राजेश मझाड़ा, सचिन मित्तल, मंगत चौहान, सुशील राणा, अमित रोहिल्ला, बलबीर सिंह, शेरपाल राणा, राजेंद्र राणा, डीएसपी कृष्ण कुमार, डीआरओ अशोक मलिक, डीडीपीओ कपिल शर्मा, डीआईपीआरओ सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
संतों का आध्यात्मिक स्थल बने
महामंडलेश्वर शाश्वतानंद महाराज ने कहा कि आदिबद्री स्थल पर संतों का आध्यात्मिक स्थल बनाया जाना चाहिए। अखंडपीठ की तरफ से सबसे पहले कुरुक्षेत्र के पिपली में निशानदेही की गई थी।
अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि आरएसएस के वरिष्ठ नेता दर्शन लाल जैन के मार्गदर्शन में ही सरस्वती नदी का शोध कार्य शुरू किया गया। आज सरकार ने योजना बनाई है कि आदिबद्री से गुजरात तक सरस्वती नदी के जल का प्रवाह किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की है। हरियाणा सरस्वती हेरीटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज भी उपस्थित रहे।
नहीं चला ट्यूबवेल, जांच के आदेश
सरस्वती स्वच्छता अभियान की शुरुआत महज रस्म अदायगी बन कर रह गया। हुआ यूं कि सभी दिग्गज मौजूद थे, लेकिन बटन दबाने के बाद भी ट्यूबवेल नहीं चला। अधिकारियों की लापरवाही के कारण मौके पर न तो बिजली आई और न ट्यूबवेल चला।
हाल ये था कि आरएसएस के इंद्रेश कुमार, सांसद रतन लाल कटारिया, एचपीएससी चेयरमैन भारतभूषण भारती और स्थानीय विधायक सुभाष सुधा ने ट्यूबवेल का बटन दबाया, तो वह चला ही नहीं। इसके बाद महज बटन दबाने की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
इस फजीहत के बाद विधायक नाराज हो गए। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए। कहा कि इसकी जांच स्वयं डीसी करेंगे। मौके पर बिजली विभाग के जेई ने बताया कि बिजली तो आई हुई थी, लेकिन ट्यूबवेल लगाने में ही कोई गलती हुई होगी।
इस पवित्र नदी के किनारे ही वेदों, ग्रंथों की रचना की गई। कलयुग में सरस्वती नदी के केवल आचमन मात्र से मुक्ति का मार्ग मिलेगा। आरएसएस राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार रविवार को सुबह पिपली में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से सरस्वती की धारा को धरा पर प्रवाहित करने के कार्य के शुभारंभ पर बोल रहे थे।
इससे पूर्व आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार, महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरी, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, बोर्ड के सीईओ आईएएस अधिकारी विजयेंद्र कुमार, डीसी सीजी रजिनिकांतन ने संयुक्त रूप से नए ट्यूबवेल का बटन दबाकर और नारियल तोड़कर शुभारंभ किया।
इसके बाद सरस्वती नदी की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने पत्रकारों से कहा कि सरस्वती नदी पूरे विश्व के लिए मंगलकारी है। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पवित्र ग्रंथ गीता और सरस्वती का एक सुंदर योग है। सदियों से ही सरस्वती नदी पवित्रता का प्रतीक रही है।
सरस्वती नदी को फिर से धरा पर लाने के लिए शोध कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस मौके पर भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष आत्म प्रकाश मनचंद, भाजपा के जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच, युधिष्ठिर बहल, डॉ.शकुंतला, बीड़ पिपली के निर्वतमान सरपंच राजेश सैनी, विनीत बजाज, विनीत क्वात्रा, सुभाष नरूला, रविंद्र सांगवान, राजेश मझाड़ा, सचिन मित्तल, मंगत चौहान, सुशील राणा, अमित रोहिल्ला, बलबीर सिंह, शेरपाल राणा, राजेंद्र राणा, डीएसपी कृष्ण कुमार, डीआरओ अशोक मलिक, डीडीपीओ कपिल शर्मा, डीआईपीआरओ सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
संतों का आध्यात्मिक स्थल बने
महामंडलेश्वर शाश्वतानंद महाराज ने कहा कि आदिबद्री स्थल पर संतों का आध्यात्मिक स्थल बनाया जाना चाहिए। अखंडपीठ की तरफ से सबसे पहले कुरुक्षेत्र के पिपली में निशानदेही की गई थी।
अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया ने कहा कि आरएसएस के वरिष्ठ नेता दर्शन लाल जैन के मार्गदर्शन में ही सरस्वती नदी का शोध कार्य शुरू किया गया। आज सरकार ने योजना बनाई है कि आदिबद्री से गुजरात तक सरस्वती नदी के जल का प्रवाह किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की है। हरियाणा सरस्वती हेरीटेज विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज भी उपस्थित रहे।
नहीं चला ट्यूबवेल, जांच के आदेश
सरस्वती स्वच्छता अभियान की शुरुआत महज रस्म अदायगी बन कर रह गया। हुआ यूं कि सभी दिग्गज मौजूद थे, लेकिन बटन दबाने के बाद भी ट्यूबवेल नहीं चला। अधिकारियों की लापरवाही के कारण मौके पर न तो बिजली आई और न ट्यूबवेल चला।
हाल ये था कि आरएसएस के इंद्रेश कुमार, सांसद रतन लाल कटारिया, एचपीएससी चेयरमैन भारतभूषण भारती और स्थानीय विधायक सुभाष सुधा ने ट्यूबवेल का बटन दबाया, तो वह चला ही नहीं। इसके बाद महज बटन दबाने की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
इस फजीहत के बाद विधायक नाराज हो गए। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए। कहा कि इसकी जांच स्वयं डीसी करेंगे। मौके पर बिजली विभाग के जेई ने बताया कि बिजली तो आई हुई थी, लेकिन ट्यूबवेल लगाने में ही कोई गलती हुई होगी।