{"_id":"63c5b1211a6b935866492168","slug":"sarpanches-of-pipli-block-expressed-their-anger-locked-the-office-kurukshetra-news-knl1335366129-2023-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पिपली ब्लॉक के सरपंचों ने जमकर जताया रोष, कार्यालय पर जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पिपली ब्लॉक के सरपंचों ने जमकर जताया रोष, कार्यालय पर जड़ा ताला
विज्ञापन
Sarpanches of Pipli block expressed their anger, locked the office
- फोटो : Kurukshetra
पिपली । ई टेंडरिंग के विरोध में खंड के सरपंचों ने बिहोली स्थित बीडीपीओ कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर धरना दिया। प्रधान जितेंद्र खैरा की अगुवाई में सरपंचों ने जमकर नारेबाजी की। सरपंचों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
जिंतेद्र खैरा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरपंचों के कार्य में बाधा डालते हुए ई टेंडरिंग लागू की है। ई टेंडरिंग के अनुसार सरपंच केवल दो लाख तक का कार्य ही करवाने में सक्षम है। ऐसे में बड़े काम करवाने के लिए सरपंचों को अधिकारियों की परिक्रमा करनी पड़ेगी। कागजी कार्रवाई में काफी लंबा समय लगेगा, जिसके चलते गांव में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। सरपंच व ग्रामीण प्रदेश सरकार के इस फरमान से काफी दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि ई टेंडरिंग के विरोध में प्रदेश की सभी सरपंच एसोसिएशन ने टोहाना में रविवार को महापंचायत का आयोजन कर सरकार को अपने फैसले पर पुन: विचार करने की मांग की थी। सभी एसोसिएशन ने सरकार से मांग की थी कि ई टेंडरिंग और राइट टू कॉल को वापस लिया जाए। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने निर्णय लिया था कि प्रदेश के सभी 22 जिलों की कमेटी गठित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में यह फैसला लिया गया था सरकारी कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा। किसी मंत्री या विधायक को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। प्रदेश के पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया जाएगा। उप प्रधान दीपक मेहरा ने कहा कि जब तक ई टेंडरिंग वापस नहीं होगी, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिंतेद्र खैरा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरपंचों के कार्य में बाधा डालते हुए ई टेंडरिंग लागू की है। ई टेंडरिंग के अनुसार सरपंच केवल दो लाख तक का कार्य ही करवाने में सक्षम है। ऐसे में बड़े काम करवाने के लिए सरपंचों को अधिकारियों की परिक्रमा करनी पड़ेगी। कागजी कार्रवाई में काफी लंबा समय लगेगा, जिसके चलते गांव में विकास कार्य ठप हो जाएंगे। सरपंच व ग्रामीण प्रदेश सरकार के इस फरमान से काफी दुखी हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ई टेंडरिंग के विरोध में प्रदेश की सभी सरपंच एसोसिएशन ने टोहाना में रविवार को महापंचायत का आयोजन कर सरकार को अपने फैसले पर पुन: विचार करने की मांग की थी। सभी एसोसिएशन ने सरकार से मांग की थी कि ई टेंडरिंग और राइट टू कॉल को वापस लिया जाए। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने निर्णय लिया था कि प्रदेश के सभी 22 जिलों की कमेटी गठित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में यह फैसला लिया गया था सरकारी कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा। किसी मंत्री या विधायक को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। प्रदेश के पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया जाएगा। उप प्रधान दीपक मेहरा ने कहा कि जब तक ई टेंडरिंग वापस नहीं होगी, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
विज्ञापन