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Kurukshetra News: पुनर्जीवित होंगे सरस्वती के घाट होंगे, शुरु होगा पिंडदान और तर्पण
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सरस्वती सेवा समिति के सदस्यों वअधिकारियों की बैठक लेते सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरम
कुरुक्षेत्र। पवित्र सरस्वती नदी के घाट अब फिर से पुनर्जीवित होंगे और वहां पिंडदान और तर्पण का कार्य फिर से शुरु होगा। सबसे पहला तर्पण कार्यक्रम पिपली स्थित सरस्वती रिवर फ्रंट घाट पर गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर 10 जुलाई होगा। इस अवसर पर कई संत, महात्मा भी उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोचार और विधि विधान के साथ उपस्थित लोगों को पितरों के निमित तर्पण करवाया जाएगा, क्योंकि सबसे बड़ा गुरु माता पिता को कहा गया है।
सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरचिम की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सरस्वती सेवा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में धूमन सिंह किरमिच और सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद कौशिक ने सब्जी सदस्यों के समक्ष सरस्वती नदी के विकास, संरक्षण और चल रहे कार्यों को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान सभी सदस्यों ने सरस्वती नदी की सफाई, स्वच्छ पानी के बहाव और अन्य विषयों के लिए अपने सुझाव दिए। धुमन सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी में स्वच्छ और निर्माण पानी की धारा के बहाव, स्वच्छता को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। पिंडदान व तर्पण परंपरा आने वाले दिनों में सरस्वती के सभी घाटों पर शुरू होगी जो लगातार जारी रहेगी।
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धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता और स्वच्छता बरकरार रखने हेतु इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जनता सरस्वती नदी में गंदगी न डालें, सरस्वती के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा और बढ़े, इस उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा, गौरव भट्ट, कृष्ण धमीजा, डॉ. राजेश वधवा, विनोद जिंदल, दीपक चौहान, बलविंदर सिंह, रमेश सैनी, प्रदीप रोशा, अमित रोहिला, श्याम सैनी मोनू बाहरी,आकाश अग्रवाल हिरमी के कार्यकारी अभियंता अरविंद कौशिक एक्सएन नवतेज सिंह आदि मौजूद रहे।
धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता और स्वच्छता बरकरार रखने हेतु इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जनता सरस्वती नदी में गंदगी न डालें, सरस्वती के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा और बढ़े, इस उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा, गौरव भट्ट, कृष्ण धमीजा, डॉ. राजेश वधवा, विनोद जिंदल, दीपक चौहान, बलविंदर सिंह, रमेश सैनी, प्रदीप रोशा, अमित रोहिला , श्याम सैनी मोनू बाहरी,आकाश अग्रवाल हिरमी के कार्यकारी अभियंता अरविंद कौशिक एक्सएन नवतेज सिंह आदि मौजूद रहे।
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सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरचिम की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई सरस्वती सेवा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में धूमन सिंह किरमिच और सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद कौशिक ने सब्जी सदस्यों के समक्ष सरस्वती नदी के विकास, संरक्षण और चल रहे कार्यों को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
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इस दौरान सभी सदस्यों ने सरस्वती नदी की सफाई, स्वच्छ पानी के बहाव और अन्य विषयों के लिए अपने सुझाव दिए। धुमन सिंह ने बताया कि सरस्वती नदी में स्वच्छ और निर्माण पानी की धारा के बहाव, स्वच्छता को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। पिंडदान व तर्पण परंपरा आने वाले दिनों में सरस्वती के सभी घाटों पर शुरू होगी जो लगातार जारी रहेगी।
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धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता और स्वच्छता बरकरार रखने हेतु इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जनता सरस्वती नदी में गंदगी न डालें, सरस्वती के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा और बढ़े, इस उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा, गौरव भट्ट, कृष्ण धमीजा, डॉ. राजेश वधवा, विनोद जिंदल, दीपक चौहान, बलविंदर सिंह, रमेश सैनी, प्रदीप रोशा, अमित रोहिला, श्याम सैनी मोनू बाहरी,आकाश अग्रवाल हिरमी के कार्यकारी अभियंता अरविंद कौशिक एक्सएन नवतेज सिंह आदि मौजूद रहे।
धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी की पवित्रता और स्वच्छता बरकरार रखने हेतु इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा। जनता सरस्वती नदी में गंदगी न डालें, सरस्वती के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा और बढ़े, इस उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में समिति के सदस्य हरीश अरोड़ा, गौरव भट्ट, कृष्ण धमीजा, डॉ. राजेश वधवा, विनोद जिंदल, दीपक चौहान, बलविंदर सिंह, रमेश सैनी, प्रदीप रोशा, अमित रोहिला , श्याम सैनी मोनू बाहरी,आकाश अग्रवाल हिरमी के कार्यकारी अभियंता अरविंद कौशिक एक्सएन नवतेज सिंह आदि मौजूद रहे।