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जिंदल सिटी में आरडब्ल्यूएस का धरना जारी, आज होगी वार्ता
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सेक्टर-29 स्थित जिंदल सिटी में बाउंड्री वॉल और रास्ते को लेकर हुए विवाद का दूसरे दिन भी कोई समाधान नहीं निकला। रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों समेत जिंदल सिटी वासियों ने बुधवार को भी धरना दिया और मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी का समर्थन करने पहुंचे। हालांकि वीरवार को पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता होगी। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
दरअसल, जिंदल सिटी वासी अपनी सुरक्षा को लेकर खाली प्लाटों की ओर से बाउंड्री वॉल बनाना चाहते हैं। वहीं साथ लगती जमीन का मालिक इस बात से नाराज हैं। उनका आरोप है कि जिंदल सिटी वासियों द्वारा उनकी खेत में डोल पर लगे पेड़ों को अवैध तरीके से कटवाया गया है। उनकी मांग है कि उन्हें जिंदल सिटी के बीच से ही आवागमन के लिए रास्ता दिया जाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चला हुआ है।
आरडब्ल्यूएस की प्रधान पूनम चहल का कहना है कि अभी तक कॉलोनाइजर से कोई बातचीत नहीं हुई है। वीरवार को कोर कमेटी की मीटिंग में जो रूपरेखा तय की जाएगी उसके अनुरूप आगे की तैयारी की जाएगी। समस्या का समाधान न होने तक धरना जारी रहेगा। 21 अक्तूबर को कॉलोनाइजर से बातचीत की जाएगी उसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां प्लॉट लेते वक्त यही बताया था, कि जिंदल सिटी में एंट्री और एग्जिट के दो ही प्रवेशद्वार है, ऐसे में अब जिंदल सिटी के साथ लगती जमीन के मालिक इसी जिंदल सिटी में से ही अपनी जमीन का प्रवेश द्वार बनाना चाहते हैं। जो जिंदल सिटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से दीवार का निर्माण कराने का फैसला वेलफेयर ने लिया था, ताकि कोई जानवर या फिर असामाजिक तत्व साथ लगती जमीन के रास्ते जिंदल सिटी में प्रवेश न करें।
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दरअसल, जिंदल सिटी वासी अपनी सुरक्षा को लेकर खाली प्लाटों की ओर से बाउंड्री वॉल बनाना चाहते हैं। वहीं साथ लगती जमीन का मालिक इस बात से नाराज हैं। उनका आरोप है कि जिंदल सिटी वासियों द्वारा उनकी खेत में डोल पर लगे पेड़ों को अवैध तरीके से कटवाया गया है। उनकी मांग है कि उन्हें जिंदल सिटी के बीच से ही आवागमन के लिए रास्ता दिया जाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चला हुआ है।
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आरडब्ल्यूएस की प्रधान पूनम चहल का कहना है कि अभी तक कॉलोनाइजर से कोई बातचीत नहीं हुई है। वीरवार को कोर कमेटी की मीटिंग में जो रूपरेखा तय की जाएगी उसके अनुरूप आगे की तैयारी की जाएगी। समस्या का समाधान न होने तक धरना जारी रहेगा। 21 अक्तूबर को कॉलोनाइजर से बातचीत की जाएगी उसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां प्लॉट लेते वक्त यही बताया था, कि जिंदल सिटी में एंट्री और एग्जिट के दो ही प्रवेशद्वार है, ऐसे में अब जिंदल सिटी के साथ लगती जमीन के मालिक इसी जिंदल सिटी में से ही अपनी जमीन का प्रवेश द्वार बनाना चाहते हैं। जो जिंदल सिटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से दीवार का निर्माण कराने का फैसला वेलफेयर ने लिया था, ताकि कोई जानवर या फिर असामाजिक तत्व साथ लगती जमीन के रास्ते जिंदल सिटी में प्रवेश न करें।
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