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अभिभावकों का निजी स्कूल के बाहर हंगामा
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फीस वृद्धि के विरोध में निजी स्कूल के बाहर रोष जताते अभिभावक। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले के एक निजी स्कूूल ने कोरोना काल के दौरान का भी शुल्क मांग लिया। इससे नाराज अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने पेरेंट्स एसोसिएशन को फीस वृद्धि एवं अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बुला लिया। स्कूल की प्राचार्य से आश्वासन मिलने पर अभिभावक शांत हुए।
पेरेंट्स मयंक बजाज एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि स्कूल की ओर से कोरोना काल का भी वार्षिक शुल्क मांगा जाना शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों के अनुसार स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में फीस 80 प्रतिशत तक बढ़ा दी है, जो सीधे-सीधे हरियाणा एजुकेशन एक्ट 2003 का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष स्कूल की फीस 1600 रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 3300 रुपये कर दिया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल ने पिछले वर्ष का एनुअल चार्ज मांगा है।
महासचिव बजाज ने बताया कि अभिभावकों ने बुलावे पर जब उन्होंने स्कूल की प्राचार्य एवं प्रबंधन के साथ बातचीत के दौरान चार मुख्य जायज मांगों को स्कूल समक्ष रखा, जिसमें गत वर्ष के लिए एनुअल चार्ज फंड की मांग को वापस लिए जाने बारे, हरियाणा सरकार द्वारा संशोधित नियमों के अनुसार पिछले फार्म 6 में दर्शाई गई फीस में 10.13 की ही जायज वृद्धि करने, तिमाही किस्त की बजाय हर महीने फीस लेने तथा एनसीआरटी की पुस्तकें लगाना शामिल हैं। स्कूल की प्राचार्य ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। जिले के एक निजी स्कूूल ने कोरोना काल के दौरान का भी शुल्क मांग लिया। इससे नाराज अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने पेरेंट्स एसोसिएशन को फीस वृद्धि एवं अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए बुला लिया। स्कूल की प्राचार्य से आश्वासन मिलने पर अभिभावक शांत हुए।
पेरेंट्स मयंक बजाज एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि स्कूल की ओर से कोरोना काल का भी वार्षिक शुल्क मांगा जाना शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि अभिभावकों के अनुसार स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में फीस 80 प्रतिशत तक बढ़ा दी है, जो सीधे-सीधे हरियाणा एजुकेशन एक्ट 2003 का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष स्कूल की फीस 1600 रुपये निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 3300 रुपये कर दिया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल ने पिछले वर्ष का एनुअल चार्ज मांगा है।
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महासचिव बजाज ने बताया कि अभिभावकों ने बुलावे पर जब उन्होंने स्कूल की प्राचार्य एवं प्रबंधन के साथ बातचीत के दौरान चार मुख्य जायज मांगों को स्कूल समक्ष रखा, जिसमें गत वर्ष के लिए एनुअल चार्ज फंड की मांग को वापस लिए जाने बारे, हरियाणा सरकार द्वारा संशोधित नियमों के अनुसार पिछले फार्म 6 में दर्शाई गई फीस में 10.13 की ही जायज वृद्धि करने, तिमाही किस्त की बजाय हर महीने फीस लेने तथा एनसीआरटी की पुस्तकें लगाना शामिल हैं। स्कूल की प्राचार्य ने अभिभावकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।
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