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संक्रामक रोगों का नष्ट करते हैं यज्ञ : इंद्रेश
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- फोटो : Kurukshetra
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राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) की केंद्रीय प्रतिनिधि सभा के सदस्य व वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि यज्ञ से असंभव कार्य संभव हो जाते है, संक्रामक रोग नष्ट होते हैं। मनुष्य आरोग्य, विद्या, कीर्ति और यश प्राप्त करता है।
वो यहां रविवार को मां मोक्षदायिनी गंगाधाम ट्रस्ट, ऋषिकेश के सांस्कृतिक संगठन सनातन मिशन द्वारा थीम पार्क में आयोजित 108 कुंडीय जनकल्याण शिवशक्ति महायज्ञ के पांचवें दिन महाआरती के दौरान मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने बातचीत में ये बात कही। यज्ञ में रविवार को वह मुख्य यजमान के रूप में भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी यज्ञ आदि की परंपरा को भूलती जा रही है। यदि यही क्रम चलता रहा तो यज्ञ आदि अनुष्ठान कहानियां बनकर रह जाएंगे। इसलिए समय रहते अपनी भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति को बढ़ाने का हमें प्रण लेना होगा। उन्होंने कहाकि प्रकृति का नियम है कि जो उससे छेड़छाड़ करता है, प्रकृति भी उससे उसी प्रकार बदला लेती है। इसलिए यज्ञ आदि कर्म करते रहना चाहिए। यज्ञ से ही वर्षा होती है, जोकि हमारे जीवन और प्राणों का आधार है।
स्वामी हरिओम महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसीलिए यज्ञ को महत्वपूर्ण मानते हुए अवश्य भाग लेना चाहिए। वहीं, यज्ञ के बाद श्रीमदभागवत कथा में आचार्य देवेंद्र द्विवेदी वृंदावन ने भगवान विष्णु के अवतारों की चर्चा करते हुए वामन अवतार का विस्तार से वर्णन किया। सनातन मिशन के अध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी और महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा गोल्डी ने बताया कि ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शर्मा तरावड़ी, संदीप मोदगिल, बलराज कूंडू, कंवर पाल शर्मा, ऋषिपाल आनंद, जयपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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वो यहां रविवार को मां मोक्षदायिनी गंगाधाम ट्रस्ट, ऋषिकेश के सांस्कृतिक संगठन सनातन मिशन द्वारा थीम पार्क में आयोजित 108 कुंडीय जनकल्याण शिवशक्ति महायज्ञ के पांचवें दिन महाआरती के दौरान मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने बातचीत में ये बात कही। यज्ञ में रविवार को वह मुख्य यजमान के रूप में भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी यज्ञ आदि की परंपरा को भूलती जा रही है। यदि यही क्रम चलता रहा तो यज्ञ आदि अनुष्ठान कहानियां बनकर रह जाएंगे। इसलिए समय रहते अपनी भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति को बढ़ाने का हमें प्रण लेना होगा। उन्होंने कहाकि प्रकृति का नियम है कि जो उससे छेड़छाड़ करता है, प्रकृति भी उससे उसी प्रकार बदला लेती है। इसलिए यज्ञ आदि कर्म करते रहना चाहिए। यज्ञ से ही वर्षा होती है, जोकि हमारे जीवन और प्राणों का आधार है।
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स्वामी हरिओम महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है। इसीलिए यज्ञ को महत्वपूर्ण मानते हुए अवश्य भाग लेना चाहिए। वहीं, यज्ञ के बाद श्रीमदभागवत कथा में आचार्य देवेंद्र द्विवेदी वृंदावन ने भगवान विष्णु के अवतारों की चर्चा करते हुए वामन अवतार का विस्तार से वर्णन किया। सनातन मिशन के अध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी और महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा गोल्डी ने बताया कि ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शर्मा तरावड़ी, संदीप मोदगिल, बलराज कूंडू, कंवर पाल शर्मा, ऋषिपाल आनंद, जयपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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