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Kurukshetra News: परिवहन मंत्री की वादाखिलाफी पर रोडवेज कर्मचारियों की पांच सितंबर को हड़ताल
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी पांच सितंबर को राज्य स्तरीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे। इस दौरान प्रदेश की बसों का चक्का जाम किया जाएगा। कर्मचारी इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।
कर्मचारियों में परिवहन मंत्री विज की वादाखिलाफी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने 13 अगस्त को भी प्रदर्शन किया था, लेकिन उनकी मांगें अब भी अधूरी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सहमति न बनने पर चक्का जाम निश्चित है। इसे विमर्श के बाद आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विभिन्न शाखाओं के कर्मचारियों और यूनियन पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के सदस्य बलदेव सिंह मामू माजरा ने बताया कि कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
बलदेव सिंह मामू माजरा ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें बताईं। इनमें परिचालक का पे ग्रेड बढ़ाना, लिपिक की तरह तीन वेतन वृद्धि देना और चालक-परिचालक के खाली पदों पर नई भर्ती शामिल है। तय सीमा में प्रमोशन पॉलिसी लागू करने, चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और अड्डा इंचार्ज पद सृजित कर परिचालकों की पदोन्नति करने की मांग है। 2016 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, अर्जित अवकाश देने और 2018 के कर्मशाला कर्मियों को पक्का करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, एचकेआरएन कर्मियों को नियमित करने, निजीकरण बंद करने और इलेक्ट्रिक बसों का सरकारीकरण करने की भी मांग है।
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कर्मचारियों में परिवहन मंत्री विज की वादाखिलाफी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने 13 अगस्त को भी प्रदर्शन किया था, लेकिन उनकी मांगें अब भी अधूरी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सहमति न बनने पर चक्का जाम निश्चित है। इसे विमर्श के बाद आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विभिन्न शाखाओं के कर्मचारियों और यूनियन पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के सदस्य बलदेव सिंह मामू माजरा ने बताया कि कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
बलदेव सिंह मामू माजरा ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें बताईं। इनमें परिचालक का पे ग्रेड बढ़ाना, लिपिक की तरह तीन वेतन वृद्धि देना और चालक-परिचालक के खाली पदों पर नई भर्ती शामिल है। तय सीमा में प्रमोशन पॉलिसी लागू करने, चालकों को हैवी पे ग्रेड देने और अड्डा इंचार्ज पद सृजित कर परिचालकों की पदोन्नति करने की मांग है। 2016 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, अर्जित अवकाश देने और 2018 के कर्मशाला कर्मियों को पक्का करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, एचकेआरएन कर्मियों को नियमित करने, निजीकरण बंद करने और इलेक्ट्रिक बसों का सरकारीकरण करने की भी मांग है।
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