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रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले आज संभल कर निकलें
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:23 AM IST
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हरियाणा रोडवेज बस
- फोटो : file photo
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पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर धरने और प्रदर्शन कर रहे रोडवेज कर्मियों ने सर्व कर्मचारी संघ संबंधित महासंघ के नेतृत्व में एक दिन प्रदेश व्यापी चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में शुक्रवार को सरकारी बसें नहीं चलेंगी, जिससे कि रोडवेज बसों के सहारे आने जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होगी।
हालांकि जीएम का कहना है कि बसों चलवाने का पूरा प्रयास रहेगा। लेकिन जिस तरीके से रोडवेज कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर चक्का जाम का बिगुल बजा रहे हैं, उससे फिलहाल रोडवेज बसों पर निर्भर यात्रियों को घर से सोच-समझकर निकलने की जरूरत है। चक्का जाम से जहां यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ेगा, वहीं सवारियों के माध्यम से रोडवेज विभाग को मिलने वाले रेवेन्यू पर भी सीधा असर दिखेगा।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबद्ध हरियाणा कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान तेजबीर पंजेटा ने बताया कि प्रदेश के 8200 कच्चे चालकों-परिचालकों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, रोड सेफ्टी बिल को निरस्त करने और सातवें वेतन आयोग से पहले वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर वे शुक्रवार को एक दिन के लिए प्रदेश भर के 21 जिलों में बसों का चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी रोडवेज कर्मी बसें चलाएगा तो यूनियन उसका साथ नहीं देगी। फिलहाल यह प्रदेश व्यापी हड़ताल एक दिन की होगी। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
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जिले की लगभग 182 बसें नहीं चलने दी जाएंगी। रोडवेज की 11 ट्रेड यूनियन चक्का जाम को कामयाब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि डिपो से 200 मीटर की दूरी पर हड़ताल और नारेबाजी होगी। इस अवसर पर यूनियन सचिव सुरेंद्र सिंह बारवा, अरुण आत्रेय सहित अन्य रोडवेज कर्मी मौजूद रहे।
नौकरीपेशा और अस्पताल आने वाले मरीजों को भी होगी दिक्कत
नियमित तौर पर नौकारीपेशा लोगों और जिला के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एलएनजेपी अस्पताल में पहुंचने को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन्हें किराए के वाहनों तथा अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। नौकरीपेशा लोगों, मरीजों तथा अन्य यात्रियों को पहले से अधिक खर्च कर निजी वाहनों का बंदोबस्त करना पड़ेगा या फिर प्राइवेट बसों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
चक्का जाम हुआ तो नहीं चलेंगी ये बसें
शुक्रवार को चक्का जाम की स्थिति बनते ही लंबे रूट की बसों के साथ-साथ लोकल रूट भी खासा प्रभावित होगा। बताया गया कि इस दौरान कुरुक्षेत्र से लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़, अजमेर, जम्मू-कटरा, हरिद्वार, हल्द्वानी, कोटद्वार, शिमला, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, पौंटा साहिब सहित साथ लगते सभी शहरों में मेन डिपो की बसों सहित सब डिपो की भी अलग-अलग छोटे-बड़े रूट को जाने वाली बसें बंद रहेंगी।
बसें चलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे : जीएम
कुरुक्षेत्र डिपो के जीएम रोहताश वर्मा ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए बसें चलवाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। यदि कोई रोडवेज कर्मी चलती बस को रोकने की कोशिश करेगा या फिर यात्रियों को परेशान करेगा तो वह आगे की कार्रवाई के लिए खुद जिम्मेदार होगा।
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हालांकि जीएम का कहना है कि बसों चलवाने का पूरा प्रयास रहेगा। लेकिन जिस तरीके से रोडवेज कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर चक्का जाम का बिगुल बजा रहे हैं, उससे फिलहाल रोडवेज बसों पर निर्भर यात्रियों को घर से सोच-समझकर निकलने की जरूरत है। चक्का जाम से जहां यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ेगा, वहीं सवारियों के माध्यम से रोडवेज विभाग को मिलने वाले रेवेन्यू पर भी सीधा असर दिखेगा।
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबद्ध हरियाणा कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान तेजबीर पंजेटा ने बताया कि प्रदेश के 8200 कच्चे चालकों-परिचालकों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतनमान देने, रोड सेफ्टी बिल को निरस्त करने और सातवें वेतन आयोग से पहले वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर वे शुक्रवार को एक दिन के लिए प्रदेश भर के 21 जिलों में बसों का चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी रोडवेज कर्मी बसें चलाएगा तो यूनियन उसका साथ नहीं देगी। फिलहाल यह प्रदेश व्यापी हड़ताल एक दिन की होगी। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
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जिले की लगभग 182 बसें नहीं चलने दी जाएंगी। रोडवेज की 11 ट्रेड यूनियन चक्का जाम को कामयाब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि डिपो से 200 मीटर की दूरी पर हड़ताल और नारेबाजी होगी। इस अवसर पर यूनियन सचिव सुरेंद्र सिंह बारवा, अरुण आत्रेय सहित अन्य रोडवेज कर्मी मौजूद रहे।
नौकरीपेशा और अस्पताल आने वाले मरीजों को भी होगी दिक्कत
नियमित तौर पर नौकारीपेशा लोगों और जिला के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एलएनजेपी अस्पताल में पहुंचने को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इन्हें किराए के वाहनों तथा अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। नौकरीपेशा लोगों, मरीजों तथा अन्य यात्रियों को पहले से अधिक खर्च कर निजी वाहनों का बंदोबस्त करना पड़ेगा या फिर प्राइवेट बसों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
चक्का जाम हुआ तो नहीं चलेंगी ये बसें
शुक्रवार को चक्का जाम की स्थिति बनते ही लंबे रूट की बसों के साथ-साथ लोकल रूट भी खासा प्रभावित होगा। बताया गया कि इस दौरान कुरुक्षेत्र से लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़, अजमेर, जम्मू-कटरा, हरिद्वार, हल्द्वानी, कोटद्वार, शिमला, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, पौंटा साहिब सहित साथ लगते सभी शहरों में मेन डिपो की बसों सहित सब डिपो की भी अलग-अलग छोटे-बड़े रूट को जाने वाली बसें बंद रहेंगी।
बसें चलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे : जीएम
कुरुक्षेत्र डिपो के जीएम रोहताश वर्मा ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए बसें चलवाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। यदि कोई रोडवेज कर्मी चलती बस को रोकने की कोशिश करेगा या फिर यात्रियों को परेशान करेगा तो वह आगे की कार्रवाई के लिए खुद जिम्मेदार होगा।