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मकानों के आगे बने रैपों से संकरी हुई सड़कें
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सेक्टरों और कॉलोनियों में मकानों के आगे बने अवैध रैंपों के कारण सड़कें दिन-प्रतिदिन संकरी होती जा रही हैं। नगर परिषद के पास इनके खिलाफ शिकायतें भी जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। शहर के 31 वार्डों में इस समय हालात ऐसे बने हुए हैं कि कई लोगों ने अपने घरों के रैंप 15 से 20 फुट तक बाहर निकाल लिए हैं, जिस वजह से सड़क का तकरीबन हिस्सा इन अवैध रैंपों की भेंट चढ़ चुका है। सेक्टर चार से करीब छह माह पहले एक शिकायत नगर परिषद के पास पहुंची थी, लेकिन आज तक इस इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। नगर परिषद की टीम सेक्टर में चार बार जा चुकी है, लेकिन हर बार बगैर कार्रवाई के ही वापस लौट आई।
सेक्टर चार वासी शीशपाल ने कहा कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने अवैध तरीके से रैंप बनाकर सड़क पर कब्जा जमा लिया है, जिस कारण बारिश के दिनों में सड़क का पानी हमारे घरों के आगे आ जाता है। इस बारे में उन्होंने 28 दिसंबर, 2021 को नगर परिषद थानेसर में शिकायत दी थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में शिकायत डीसी, एसडीएम और डीएमसी को भी सौंपी गई, लेकिन फिर भी कोई बात नहीं बनी। हार थक कर इस मुद्दे को कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाया, जिस पर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि इस रैंप को दो दिन में हटवाया जाए। राज्य मंत्री के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। शीशपाल का आरोप है जब भी कभी अधिकारी कार्रवाई के लिए आते हैं तो कब्जाधारी व्यक्ति बड़े नेताओं का फोन करा देता है, जिससे वे वापस लौट जाते हैं।
कार्रवाई करने के नाम पर नगर परिषद के ढुलमुल रवैये का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शांति नगर वासी कृष्णा देवी की शिकायत पर 14 माह बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। मामला सीएम दरबार तक भी पहुंच गया था, लेकिन कार्रवाई फिर भी नहीं हो रही थी। जिला विविध प्राधिकरण सचिव भी टिप्पणी कर कह चुके थे कि अधिकारी जल्द कार्रवाई करें नहीं तो जनता का सरकारी विभागों से विश्वास उठ जाएगा। शिकायतकर्ता ने आरटीआई लगाकर और 10 से ज्यादा बाद अलग-अलग अधिकारियों को शिकायत सौंपी, तब जाकर 14 माह बाद नप अधिकारियों ने एक्शन लिया और पिछले माह 16 जून को मौके पर पहुंच जेसीबी से रैंप को तुड़वाया।
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डीएमसी ममता शर्मा ने कहा कि सेक्टर चार की शिकायत के मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिल्ला को निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त मुकुल कुमार भी इस मामले में निर्देश जारी कर चुके हैं। एसडीएम की देखरेख में यहां कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को नप की टीम मौके पर गई भी थी, लेकिन पुलिस फोर्स न मिल पाने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। अब दोबारा से टीम मौके पर जाएगी और रैंप को हटवाएगी। इसके अलावा जिन्होंने भी अवैध रैंप बनाए हैं भविष्य में उन पर भी कार्रवाई होगी।
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सेक्टर चार वासी शीशपाल ने कहा कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने अवैध तरीके से रैंप बनाकर सड़क पर कब्जा जमा लिया है, जिस कारण बारिश के दिनों में सड़क का पानी हमारे घरों के आगे आ जाता है। इस बारे में उन्होंने 28 दिसंबर, 2021 को नगर परिषद थानेसर में शिकायत दी थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में शिकायत डीसी, एसडीएम और डीएमसी को भी सौंपी गई, लेकिन फिर भी कोई बात नहीं बनी। हार थक कर इस मुद्दे को कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठाया, जिस पर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि इस रैंप को दो दिन में हटवाया जाए। राज्य मंत्री के आदेश के बाद भी अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। शीशपाल का आरोप है जब भी कभी अधिकारी कार्रवाई के लिए आते हैं तो कब्जाधारी व्यक्ति बड़े नेताओं का फोन करा देता है, जिससे वे वापस लौट जाते हैं।
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कार्रवाई करने के नाम पर नगर परिषद के ढुलमुल रवैये का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शांति नगर वासी कृष्णा देवी की शिकायत पर 14 माह बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। मामला सीएम दरबार तक भी पहुंच गया था, लेकिन कार्रवाई फिर भी नहीं हो रही थी। जिला विविध प्राधिकरण सचिव भी टिप्पणी कर कह चुके थे कि अधिकारी जल्द कार्रवाई करें नहीं तो जनता का सरकारी विभागों से विश्वास उठ जाएगा। शिकायतकर्ता ने आरटीआई लगाकर और 10 से ज्यादा बाद अलग-अलग अधिकारियों को शिकायत सौंपी, तब जाकर 14 माह बाद नप अधिकारियों ने एक्शन लिया और पिछले माह 16 जून को मौके पर पहुंच जेसीबी से रैंप को तुड़वाया।
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डीएमसी ममता शर्मा ने कहा कि सेक्टर चार की शिकायत के मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिल्ला को निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त मुकुल कुमार भी इस मामले में निर्देश जारी कर चुके हैं। एसडीएम की देखरेख में यहां कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को नप की टीम मौके पर गई भी थी, लेकिन पुलिस फोर्स न मिल पाने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। अब दोबारा से टीम मौके पर जाएगी और रैंप को हटवाएगी। इसके अलावा जिन्होंने भी अवैध रैंप बनाए हैं भविष्य में उन पर भी कार्रवाई होगी।