बिजली कटों से परेशान झांसा के लोगों ने लगाया जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली के अघोषित कटों से परेशान गांव झांसा के लोगों ने मारकंडा नदी पर बने पुल पर करीब चार घंटे तक जाम लगाकर सरकार व बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी की। जाम की सूचना मिलते ही बिजली निगम के जेई नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे लेकिन ग्राम वासियों ने उनकी एक न सुनी तथा निगम के एक्सईएन को मौके पर बुलाने की मांग पर अडे़ रहे। मामले को बढ़ता देख थाना प्रभारी इस्माईलाबाद जयनारायण शर्मा, डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार, नायब तहसीलदार पिहोवा कृष्ण कुमार आदि मौके पर पहुंचे तथा जाम को खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग शांत नहीं हुए। इसके बाद गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल्ल ने आश्वासन दिया कि एक घंटे तक निगम के एक्सईएन मौके पर पहुंच जाएंगे, जिससे ग्रामवासियों ने जाम को खोल दिया।
रोष जता रहे गांववासी धर्मवीर, अमरजीत, तेजपाल, राजेश, नरेश, सुनेहरी देवी, छोटो देवी, ऊषा रानी, खजानी, लक्ष्मी देवी, बिमला देवी, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि गेहूं के सीजन के चलते दिन के समय तो बिजली आती ही नहीं वहीं शाम के वक्त थोड़ी देर के लिए आती है। उसके बाद एक घंटे का कट लग जाता है। रात्रि में भी कई कट लगाए जाते है, जिससे ग्रामवासी पीने के पानी से भी तरसने लगे है। रात्रि में कट लगने से छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी के चलते वे बिजली निगम के खिलाफ जाम लगाने को मजबूर हुए है। वहीं जाम के कारण ठोल कुरुक्षेत्र हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लाइनें लग गई। जिससे गर्मी में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने वाहनों को दूसरे लिंक रास्ते से निकाला।
पंचायत ने बिजली निगम को मुफ्त में जमीन दी थी
गांव की महिला सरपंच के पति पुनीत मल्ल ने कहा कि जब गांव झांसा में 33 केवी सबस्टेशन बना था, उस समय ग्राम पंचायत ने बिजली निगम को मुफ्त में जमीन दी थी। निगम ने ग्राम पंचायत के साथ लिखित में समझौता किया था कि गांव में 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जाएगी। लेकिन गर्मी का सीजन शुरू होते ही विभाग बिजली सप्लाई में कट लगने लगे है। निगम के कर्मचारी जानबूझ कर ग्रामवासियों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव में जगमग योजना के तहत मीटर घर से बाहर लगे हुए है तथा गांव में चारों तरफ केबल डली हुए है। जिससे बिजली चोरी जैसी कोई घटना नहीं हो सकती। अगर फिर भी कोई बिजली चोरी करता तो निगम को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए न कि सारे गांव की सप्लाई बंद करनी चाहिए।
ग्रामीण उपायुक्त के समक्ष रखें अपनी समस्या
एक्सईएन एसपी मलिक ने कहा कि इस समय बिजली सप्लाई की जो समय सारिणी है, वह उच्च अधिकारियों द्वारा तैयार की गई है। उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी अपनी समस्या को उपायुक्त के समक्ष रखें, ताकि वे बिजली सप्लाई की समय सारिणी में कुछ बदलाव कर सके।