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Kurukshetra News: एक बेड पर दो मरीजों का भर्ती करने से बढ़ा संक्रमण का खतरा

Wed, 04 Mar 2026 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Wed, 04 Mar 2026 02:30 AM IST
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Risk of infection increases due to admission of two patients on one bed
कुरुक्षेत्र। पुरुष वार्ड में एक बेड पर लेटे दो-दो मरीज। संवाद - फोटो : चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद किया पूजन और होलिका दहन
मुनीश मुंडे
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कुरुक्षेत्र। जिला नागरिक अस्पताल अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन यहां पर बेड और संसाधनाें की कमी से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। पुरुष वार्ड में 36 बेड पर 57 मरीज दाखिल हैं, जबकि महिला वार्ड में 40 बेड पर 53 मरीज भर्ती हैं।

हालात ऐसे हैं कि एक-एक बेड पर दो-दो और कई बार तीन-तीन मरीजों को लिटाया जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को असुविधा हो रही है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। वार्डाें में दिनों के हिसाब से भी बेडशीट नहीं मिल पा रही। वहीं वार्डों में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे स्टाफ को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों को लिखित में अवगत करा चुकी हैं कि बढ़ती मरीज संख्या के अनुसार बेड और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संवाद
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रोजाना दाखिल होते हैं करीब 130 मरीज
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1600 से 1700 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 60 से 70 मरीजों को चिकित्सकों द्वारा भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में भी प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों को दाखिल किया जा रहा है। पिछले एक माह से मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे वार्डों में दबाव और अधिक बढ़ गया है।
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अलग बेड को लेकर लड़ते हैं मरीज के परिजन

नर्सिंग ऑफिसर का कहना है कि बेड की कमी के कारण एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाना मजबूरी बन गया है। कई मरीज अकेले बेड की मांग करते हैं और इसको लेकर स्टाफ के साथ बहस भी हो जाती है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों के चलते ऐसा कर पाना संभव नहीं है।
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बैठकर गुजारनी पड़ती है रात : बाबू राम
रेवाड़ी निवासी बाबू राम ने बताया कि उन्हें छोटे से बेड पर दूसरे मरीज के साथ लेटना पड़ रहा है। दिन में तो किसी तरह समय निकल जाता है, लेकिन रात में गिरने का डर बना रहता है, जिसके कारण उन्हें कई बार बैठकर ही रात गुजारनी पड़ती है।

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संक्रमण का बन रहा खतरा : फूल सिंह

खानपूर निवासी फूल सिंह ने कहा कि दवाइयां समय पर मिल रही हैं, लेकिन एक बेड पर दो मरीज होने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। अस्पताल में हर बेड पर मरीज दाखिल है, इसलिए मजबूरी में उन्हें भी दूसरे मरीज के साथ ही लेटना पड़ रहा है।

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बनाई जा रही व्यवस्था : डॉ. साराह अग्रवाल

पीएमओ डॉ. साराह अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे कभी-कभी वार्डों में दबाव की स्थिति बन जाती है। मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए भवन के शुरू होने के बाद बेड और अन्य व्यवस्थाओं में काफी सुधार होगा।
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